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49 डिग्री पारे पर फिर तपा बांदा

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बांदा। केरल के रास्ते देश में भले ही मानसून ने आमद दर्ज करा ली हो पर बुंदेलखंड में प्रचंड गर्मी का प्रकोप बरकरार है। मानसून के दस्तक देने की खबर वाले दिन ही यहां पारा 49 डिग्री दर्ज किया गया। 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही लू ने और कहर ढाया। दो लोगों की मौत हो गई। 12 दिन पूर्व मई के अंत में भी पारा 49 डिग्री पहुंच गया था। अगले दो दिनों में आंधी और बूंदाबांदी का पूर्वानुमान जताया गया है।
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रविवार (9 जून) को बांदा में अधिकतम तापमान 49 रिकार्ड किया गया। सुबह से ही बेचैन कर देने वाली शिद्दत की धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने राहगीरों की राह दूभर कर दी। दोपहर के बाद मौसम और खतरनाक हो गया। 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूरब-पश्चिम दिशा में गर्म हवा चलती रही। पेड़ की छांव तले और मकानों के अंदर भी तपिश का प्रकोप रहा। नदी, तालाबों का पानी गर्म हो गया। पशु-पक्षी प्यास बुझाने को बेहाल रहे। उधर, मौसम की मार न सह सकने से दो वृद्धों की जानें चली गईं।

रेलवे स्टेशन में लगभग 75 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। लू लगने के बाद वह प्लेटफार्म पर ही बेहोश हो गया। स्टेशन अधीक्षक ने उसे अस्पताल भिजवा दिया। वहां कुछ ही देर में मौत हो गई। शव को शिनाख्त के लिए मच्र्युरी में रखा गया है। उधर, बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के बिनवट गांव का शिवऔतार (58) पुत्र देवराज यादव रविवार को सुबह बकरी चराने जंगल गया था। वहां लू के हार्ट अटैक से मौत हो गई। शव पेड़ तले पड़ा पाया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
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दो दिन में आंधी, बूंदाबांदी के आसार
बांदा। मानसूनी सीजन के नजदीक आने के बाद भी भीषण गर्मी और रिकार्ड तापमान के पीछे मौसम विशेषज्ञ प्री-मानसून बारिश न होना बता रहे हैं। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा.दिनेश साहा बताते हैं कि आमतौर पर जून माह में देश में 25 फीसदी बारिश हो जाती थी। पर मानसून की लेटलतीफी से यह मानक बदल सकता है। बुंदेलखंड में पड़ रही शिद्दत की गर्मी के बाबत उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में तेज हवाएं, आंधी, बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी। ब्यूरो

बुंदेलखंड में अब 15 जून से नहीं होती बारिश
बांदा। आम तौर पर बुंदेलखंड में 15 जून से बारिश का सीजन माना जाता है। पर पिछले कई वर्षों से इसमें बदलाव नजर आ रहा है। यहां वर्षा ऋतु बढ़कर जुलाई में पहुंच गई है। सितंबर तक बारिश होती है। 15 जून को अब चंद दिन बचे हैं। लेकिन मौसम विभाग मानसून को लेटलतीफ बता रहा है। फिलहाल मानसून केरल से देश में दाखिल हो चुका है। बताया गया है कि एक हफ्ते में यह अन्य राज्यों में भी फैल जाएगा। मानसूनी बारिश के लिए बुंदेलखंड के बाशिंदे और पशु-पक्षी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ब्यूरो
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