बांदा। हम सबने यह ठाना है, बांदा को हरा-भरा बनाना है। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में रेउना गांव स्थित पंडित रामकृपाल दीक्षित महाविद्यालय में पौधरोपण और कुआं-तालाब जियाओ अभियान का आगाज किया गया।
बुंदेलखंड विकास सोसायटी के तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में पौधे रोपे गए। साथ ही बांदा को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। डीएम हीरालाल ने कहा कि जखनी जलग्राम बन गया है। इसे मॉडल विलेज मानते हुए अन्य गांव के लोग भी अपने यहां जल संरक्षण की ऐसी ही तकनीक अपनाएं तो हालात बदल जाएं।
कहा कि कुआं-तालाब पूज्य हैं। जल संरक्षण के दोनों प्रमुख कारक हैं, इसीलिए पूरे जिले में इनके लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोसायटी अध्यक्ष श्यामजी निगम ने बुंदेलखंड में पौधरोपण का महत्व बताया। पर्यावरण संरक्षक शोभाराम कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार अरुण खरे, अध्यापक देशराज सिंह, बुंदेलखंड कनेक्ट समन्वयक अरुण निगम ने पर्यावरण को पहुंचाए जा रहे चौतरफा नुकसान पर चिंता जताई। कहा कि पेड़, पशु-पक्षी और इंसान एक-दूसरे के पूरक हैं।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन संयोजक महेंद्र देवपुरिया, उमाशंकर पांडेय, राजेश शुक्ला, अमित सेठ भोलू, निर्भय सिंह मोंटी, विनोद यादव, पंकज गुप्ता, शिवचरन शुक्ला, नईम नेता, रोहन सिन्हा, सुनील मसुरहा, रामकिशोर शुक्ला, सचिन चतुर्वेदी, अभिषेक सिंह, निखिल सक्सेना ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता दिनेश कुमार दीक्षित ने की। विद्यालय परिसर में छोटे तालाब निर्माण की भी घोषणा की गई।