बांदा। मुख्यमंत्री पोर्टल, हेल्पलाइन और ऑनलाइन की गई शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी शासन को गुमराह कर रहे हैं। जिले में विकास संबंधी विभिन्न प्रकरणों पर गई शिकायतों पर अधिकारियों द्वारा भेजी गई निस्तारण की 179 सूचनाओं को शासन ने खारिज कर दिया। डीएम और सीडीओ को कार्रवाई व निस्तारण के निर्देश दिए हैं। 108 शिकायतें अभी भी लंबित हैं।
इस वित्तीय वर्ष के तीन माह में सीएम हेल्पलाइन व ऑनलाइन पोर्टल पर जिला ग्राम विकास विभाग से संबंधित 355 शिकायतें की गई थीं। इनमें 35 शिकायतों के निस्तारण से शासन संतुष्ट नहीं है। 65 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। इसी प्रकार खंड विकास कार्यालय बबेरू में 254 में तीन शिकायतों की सूचना को खारिज कर दिया गया। यहां 11 शिकायतें लंबित हैं।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक में 128 शिकायतों में दो खारिज कर दी गई, दो लंबित हैं। बिसंडा में 253 में 9 खारिज और आठ शिकायतें लंबित हैं। जसपुरा में 124 में तीन लंबित, कमासिन में 252 में 13 शिकायतों को खारिज कर दिया गया। चार शिकायतें लंबित है। महुआ में 201 में सर्वाधिक 115 शिकायतों के निस्तारण की सूचना को खारिज कर दिया। नरैनी में 305 में छह खारिज, तिंदवारी में 159 शिकायतों में दो खारिज कर दी गई, दो शिकायतें लंबित हैं।
शहर के बलखंडी नाका निवासी रामनारायण ने सीएम पोर्टल पर निर्माणाधीन रिंग रोड में गुणवत्ता संबंधी शिकायत की थी। संबंधित अधिकारियों ने शासन को रिपोर्ट भेज दी कि शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि रिंगरोड निर्माण में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत गंछा के मूल बाशिंदे कहला यादव ने बांदा से गंछा तक संपर्क सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत के एक वर्ष बाद भी निर्माण में सुधार नहीं हुआ। अफसरों ने पोर्टल पर शासन को शिकायत का निस्तारण कर देने की झूठी रिपोर्ट भेज दी।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण के संबंध में जिला विकास अधिकारी व समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के अंदर लंबित व डिफाल्टर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।