आम चुनाव की महागणना को मात्र 24 घंटे शेष हैं। 23 मई (गुरुवार) को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। ईवीएम में कैद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आते ही कोई ‘दीवाली’ मनाएगा तो कहीं सन्नाटा और मायूसी नजर आएगी।
खैर प्रशासन और पुलिस की तैयारियां पूरी हो गईं। मतगणना पंडाल तैयार हैं। आधुनिक शस्त्रत्तें से लैस केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान मुस्तैदी से ईवीएम की सुरक्षा में लगे हैं।
उधर, सपा-बसपा गठबंधन नेताओं को सुरक्षा कर्मियों पर भरोसा नहीं है। ईवीएम में छेड़छाड़ अथवा रिप्लेस की आशंका पर दोनों दलों के नेता यहां डेरा डाले हैं।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के लंबे-चौड़े नीलामी चबूतरों में गुरुवार को वोटों की गिनती होगी। मतगणना पंडाल तैयार हैं। हरेक में 14-14 टेबल लगाई गई हैं।
हमीरपुर में शामिल तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र की गणना भी यहीं होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी हीरा लाल व पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा समेत उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने मंगलवार को भी पंडालों का निरीक्षण किया।
निर्वाचन विभाग मतगणना की तैयारियों में जोरशोर से लगा है। टेबलें लगा दी गई हैं। टेबिल से कुछ दूर बैरीकेडिंग और तारों का जाल बांधकर प्रत्याशियों के मतगणना एजेंटों को बैठाने की व्यवस्था की गई है। सहायक निर्वाचन अधिकारी पुरुषोत्तम नारायण का कहना है कि मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उधर, सील बंद स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम में छेड़छाड़ और रिप्लेस की आशंका के मद्देनजर सपा और बसपा के नेता 24 घंटे यहां डेरा डालकर स्ट्रांग रूम पर नजरें गड़ाए हैं।
जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी (सपा) और गुलाब वर्मा (बसपा) ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा शासन में कुछ भी संभव है। इसलिए 8-8 घंटे दोनों पार्टियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता चौकसी में लगे हैं।
शाम 5 से रात 12 बजे तक बसपा, रात 12 से सुबह 5 बजे तक सपा और इसके बाद दोनों पार्टियों के संयुक्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता तैनात रहते हैं। मंगलवार को जिलाध्यक्ष समेत पियूष गुप्ता, अमित सेठ भोलू, प्रियांशू गुप्ता, लल्लू निषाद आदि मौजूद रहे।