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पंद्रह दिन में 58 संक्रमितों की मौत

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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कालेज/एल-3 कोविड अस्पताल में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया। पिछले 15 दिनों में यहां 58 कोविड मरीजों ने दम तोड़ दिया। मंडल के तीन जिलों में सबसे ज्यादा 39 मौतें बांदा जिले में दर्ज हैं।
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चित्रकूट के 14 और महोबा के पांच संक्रमितों की जिंदगी की डोर टूट गई। यानी मेडिकल कालेज में औसतन हर दिन 3.9 संक्रमित मरीज की जान गई। हालांकि, हमीरपुर जिले से मौत का आंकड़ा शून्य बताया गया है। पंचायत चुनाव परवान चढ़ने से लेकर अब तक कोरोना संक्रमितों की मौतें भी परवान चढ़ीं हैं। चित्रकूटधाम मंडल में बांदा मेडिकल कालेज को एल-3 कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहां चारों जिलों के गंभीर कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किए जाते हैं। मेडिकल कालेज प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक पखवाड़े (15 दिन) में 58 संक्रमितों की मौत हुई। इनमें बांदा की 39, चित्रकूट की 14 और महोबा जनपद की 5 मौतें शामिल हैं। हालांकि, हमीरपुर जनपद में मौतें शून्य दर्शाई गई हैं। सबसे ज्यादा 10 मौतें पांच मई को हुई। इसके अलावा 25 और 29 अप्रैल को 9-9 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कालेज प्रशासन का दावा है कि आठ और नौ मई को एक भी कोरोना से मौत नहीं हुई।
संक्रमितों की मौत के आंकड़े---
तिथि बांदा चित्रकूट महोबा योग
25 अप्रैल 03 05 01 09
26 अप्रैल 03 01 00 04
27 अप्रैल 07 00 00 07
28 अप्रैल 03 00 00 03
29 अप्रैल 07 02 00 09
30 अप्रैल 01 00 01 02
1 मई 02 01 00 03
2 मई 02 00 00 02
3 मई 04 00 01 05
4 मई 01 00 00 01
5 मई 04 05 01 10
6 मई 01 00 01 02
7 मई 01 00 00 01
39 14 05 58
नोट- 8 व 9 मई को कोई मौत नहीं हुई। हमीरपुर में भी पिछले 15 दिनों में मौतें शून्य दर्शाई गईं।
होम आइसोलेशन में अब तक 6311 मरीज स्वस्थ
बांदा। होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग लड़ रहे मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। 7511 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर इलाज कराया। इनमें 6311 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में करीब 1200 मरीज होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। 1786 को तबीयत बिगड़ने पर कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है, उससे अधिक तेजी से लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ भी हो रहे हैं। जिन लोगों में कम लक्षण हैं, उन्होंने अस्पताल के बजाय होम आइसोलेशन को चुना और उनका फैसला सही साबित हुआ। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार तक जिले में 9417 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 7779 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। कोविड अस्पतालों में भर्ती होकर 1468 ठीक हुए हैं, जबकि घर पर इलाज ले रहे 6311 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस तरह करीब 80 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में कोरोना को मात दे चुके हैं। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती होने पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है। कई बीमार लोगों में यह ज्यादा नकारात्मक भाव पैदा करता है। जिससे उनके स्वस्थ होने में असर पड़ता है। घर में आइसोलेशन में रहने पर उन्हें इस तनाव से मुक्ति मिल जाती है। (संवाद)
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किताब पढ़ें, गाने और भजन सुनें---
होम आइसोलेशन के दौरान दवा के साथ सोशल मीडिया पर चलने वाली हर निगेटिव सूचनाओं से दूर रहें। किताब पढ़ें, गाने और भजन सुने। खुद को व्यस्त रखें। पसंद के काम करें। रोजाना नियमित व्यायाम और योग करें। घबराएं नहीं, बल्कि धैर्य रखें। डॉक्टर के संपर्क में रहें और कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें।
-डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ
पैथोलॉजी सेंटरों में रेट सूची चस्पा हो
बांदा। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने प्राइवेट पैथालॉजी में मरीजों से हो रही मनमानी वसूली पर सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मंडल के डीएम को पैथोलॉजी सेंटरों में जांच के शुल्क निर्धारित कर सूची चस्पा करने के आदेश दिए और कहा कि कोरोना संक्रमण काल में पैथाूलॉजी सेंटरों मेें मनमाने तरीके से शुल्क वसूला जा रहा है। सीटी स्कैन का भी मनमानी शुल्क लिया जा रहा है। सभी पैथोलॉजी सेंटरों के संचालकों की बैठक बुलाकर जांच के रेट निर्धारित किए जाएं। साथ ही पैथोलॉजी सेंटरों में प्रत्येक जांच का निर्धारित शुल्क की सूची चस्पा कराई जाए। (संवाद)
कोरोना की जंग जीते लैब टेक्नीशियन
अतर्रा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार 10 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए थे, जो 14 दिनों का तक परिवार से अलग रहकर नियमित दवाएं, भाप व गर्म पानी का सेवन कर कोरोना को मात देते हुए स्वस्थ हो गए। छह मई को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब वह पुन: ड्यूटी पर लौट आए हैं। बताया कि इस दौरान परिवार के लोग खासे परेशान थे। जिनका वह मनोबल बढ़ाते रहे। (संवाद)
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