बांदा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निगम का दर्जा दिए जाने की प्रदेश सरकार की मंशा पर इस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भड़क उठे हैं। सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन छेड़ दिया है। एलान किया है कि इस निर्णय को वापस न लेने तक संघर्ष करेंगे। सरकार की मंशा किसी हाल में पूरी नहीं होने देंगे।
निगम बनाए जाने के विरोध में आंदोलन पर आमादा पीडब्ल्यूडी अधिकारी महासंघ और कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को प्रांतीय खंड कार्यालय परिसर में धरना दिया और विभागीय कार्यों का बहिष्कार किया। संघर्ष समिति भी गठित की गई।
पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा इंजीनियर संघ अध्यक्ष संजय तिवारी और सचिव सुरेंद्र कुमार, मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन जनपद अध्यक्ष चंद्रकांत, सहायक अभियंता संघ के एसके अग्रवाल, नंदूराम आरके वर्मा, नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के तेजीलाल, राजकीय परिवहन चालक संघ के अध्यक्ष सुमित नारायण व महामंत्री राजेंद्र प्रसाद आदि ने रोष भरे भाषण में कहा है कि सरकार की यह मानसिकता निंदनीय है।
सरकार इसे वापस ले वरना संघर्ष जारी रहेगा। नवगठित संघर्ष समिति अध्यक्ष चारूचंद जोशी ने कहा कि सरकार गुपचुप तरीके से पीडब्ल्यूडी को राजकीय विभाग से निगम बनाने की जुगत में है। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी मान्यता प्राप्त 13 संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
पहले चरण में 6 व 7 जून को कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। 28 जून को प्रमुख अभियंता कार्यालय में धरना प्रदर्शन होगा। फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला तो बेमियादी हड़ताल की जाएगी।
-संघर्ष समिति गठित कर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
-दो दिवसीय धरने के साथ कर रहे कार्य बहिष्कार
-सरकार की मंशा को पूरा न होने देने का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो