बांदा। भीषण गर्मी में संक्रामक बीमारियों में तेजी आ गई। जिला अस्पताल में डायरिया से मासूम बालक और बुखार से वृद्ध की मौत हो गई। अस्पताल के हरेक वार्ड डायरिया और वायरल फीवर के मरीजों से हाउस फुल हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ संक्रामक मौसमी बीमारियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसी श्रृंखला में मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव निवासी डेढ़ वर्षीय बालक चांद मोहम्मद की रविवार को दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को दोपहर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
रविवार को दोपहर उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा.आरके गुप्ता ने बताया कि बालक को डायरिया के साथ खून की कमी थी। इसी वजह से उसकी मौत हो गई। उधर, देहात कोतवाली क्षेत्र के लामा गांव के शिवाधार (65) पुत्र दुर्जा को बुखार होने पर परिजनों ने तीन दिनों पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को दोपहर उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा.एसडी त्रिपाठी के मुताबिक बुखार की वजह से खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने से उसकी मौत हुई है। एक सप्ताह में बुखार और डायरिया से तीसरी मौत है।
उधर, रविवार को जिला अस्पताल में डायरिया ग्रस्त सुनीता देवी (30), नसीमा (17), भइयाराम (32), जीनत (22), अनीता (24), सोनू (12), निगहत (35), दीप्ति (20) और बानोनिशां (26) तथा बुखार ग्रस्त दीपू (3), मालती (19), मनोरमा (26), राकेश (26) समेत 30 बीमारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
-भीषण गर्मी में मौसमी बीमारियों का कहर
-जिला अस्पताल के वार्ड हाउसफुल