बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में रबी की फसल ठीकठाक होने पर अबकी किसानों का रुझान कृषि यंत्र खरीदने के प्रति बढ़ा है। पिछले कई सालों से कभी सूखा तो कभी ओला व अतिवृष्टि के चलते इन यंत्रों का छूट के बाद भी कोई खरीदार नहीं था। अब की बिक्री बढ़ती देख कृषि विभाग ने छूट और लक्ष्य दोनों ही बढ़ा दिए हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में वर्ष 2014 में कृषि विभाग ने करीब 1200 यंत्र और पांच हजार पाइप व स्प्रिंकलर सेट वितरित करने और वर्ष 2015 में करीब 1600 यंत्र व छह हजार पाइप व स्प्रिंकलर सेट अनुदान पर देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। वर्ष 2016 में भी कृषि यंत्र यूपी एग्रो व कृषि विभाग में 20 फीसदी ही बिके।
अबकी वर्ष 2017 में रबी की रिकार्ड उपज होने से किसानों ने कृषि यंत्र खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। दलहन और गेहूं घटक में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित हैं। 10 मैनुअल स्पेयर यंत्र बिक्री का लक्ष्य है। 50 फीसदी छूट है। 12 पावर नैपसेक स्पेयर मेें प्रति सेट 3000 रुपये छूट है।
मल्टीक्राप प्लांटर 1, सीडड्रिल 19, जीरोटिल मल्टीक्राप प्लांटर 1, रिजफरो प्लांटर 5, चिजलर 1, रोटावेटर 60, मल्टीक्राप थ्रेसर 8, स्प्रिंकलर सेट 60, पंपसेट 70, वाटर कैरिंग पाईप (एचडीपीई) 7990, वाटर कैरिंग पाईप (पीवीसी) 11410, लपेटा पाइप 40980, मोबाइल रैन गन 5, ट्रैक्टर माउंडटेंड स्प्रेयर 1, मिनी दाल मिल 8, बड़ा तिरपाल 130, छोटा तिरपाल 100 वितरण का लक्ष्य है।
इनमें सभी में 50-50 फीसदी छूट है। लक्ष्य निर्धारण को अभी सप्ताह भर नहीं हुए कि सैकड़ा भर से ज्यादा किसानों ने यंत्रों व पाइपों के लिए आवेदन कर दिया है। उप कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने कहा है कि कृषि विभाग से अनुदान पर यंत्र लेने के लिए किसान का आनलाइन पंजीयन जरूरी है। यंत्र खरीदकर बिल बाउचर्स संबंधित उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारियों के यहां तहसीलों में आवेदन के साथ जमा करना होगा।
आवेदनपत्र का प्रारूप भी इन कार्यालयों में मुफ्त उपलब्ध हैं। शक्ति चालित यंत्र थ्रेसर, सीडड्रिल, जीरोटिल, मल्टीक्राप प्लांटर के लिए ट्रैक्टर होने का प्रमाण देना होगा। स्प्रिंकलर सेट व पाइप किसान बीआईएस मार्क के बाजार से खरीद सकते हैं। यंत्र आईएसआी होने का उल्लेख बिल में करना होगा। पंपसेट के बिल में मेक, माडल, हार्सपावर व इंजन संख्या का जिक्र हो।
-अनुदान से मिल रहे यंत्रों में आवेदनों की भरमार
-दैवी आपदा के चलते 3 साल बाद टूटा सन्नाटा
-पहली बार मशीनरी व यंत्र में 50 फीसदी अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो