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बैंक की दलीलों के दायरे में फंसे मंडल के 144 किसान

Thu, 06 Jun 2019 11:49 PM IST
ASIF ASIF अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के बांदा कार्यालय में बैंक कर्मियों से आरजू-मिन्नत करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूटधाम मंडल के तकरीबन डेढ़ सौ किसान सहकारी बैंक की दलीलों के फेरे में फंसकर अपनी जमीन नीलाम करवा बैठने की कगार पर आ गए हैं। बांदा, हमीरपुर और महोबा जिलों में इन किसानों से अपना बकाया 3 करोड़ 8 लाख 24 हजार 313 रुपये वसूलने के लिए सहकारी बैंक ने इसी माह किसानों की जमीन नीलाम कर देने की नोटिस जारी कर दी है। यह देखकर किसानों की नींद उड़ गई है। वह बैंक जाकर गिड़गिड़ा रहे हैं। कुछ ने किसी तरह जुगाड़ करके कुछ पैसा जमा करना शुरू कर दिया है।

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बुंदेलखंड में दैवी आपदाओं का शिकार होकर कंगाल हो चुके किसानों को फिर अपने पांव खड़ा होने के लिए केंद्र सरकार बैंकों के माध्यम से कर्ज दे रही हैं। मौसम की मार से फसलों के नुकसान पर कर्ज माफ भी किए जा रहे हैं, लेकिन चित्रकूटधाम मंडल में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड अपने कर्जदार किसानों को केंद्र सरकार की कर्जमाफी योजना से खारिज किए हुए है। बैंक की दलील है कि सरकार ने किसानों का फसली ऋण माफ किया है, जबकि उनके बैंक ने किसानों को ट्रैक्टर, डेयरी, मछली पालन, अल्प सिंचाई, मुर्गी और बकरी पालन आदि के लिए कर्ज दिया है।

बैंक प्रबंधन का कहना है कि इसी तर्क के आधार पर उनके बैंक को कर्जमाफी योजना में शामिल नहीं किया गया। 
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही सहकारी ग्राम विकास बैंक ने मंडल के अपने बकाएदार किसानों पर  शिकंजा कस दिया है। बांदा के 57 किसानों पर बकाया 50 लाख 5 हजार 840 रुपये, हमीरपुर के 56 किसानों से 18 करोड़ 5 लाख रुपये और महोबा के 31 किसानों से 78 लाख 18 हजार 473 रुपये वसूलने के लिए किसानों की जमीन नीलाम करने की तिथियां निर्धारित/घोषित कर दी हैं। नीलामी इसी माह 10 जून से शुरू हो रही है। तीनों जिलों में नीलामी का सिलसिला अलग-अलग तिथियों में जुलाई तक चलेगा।
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ट्रैक्टर और पशुपालन को फसली नहीं मानता बैंक
बांदा। किसानों की जमीन नीलाम कर अपना बकाया वसूलने पर अड़े सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के बारे में सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक (एआरसीएस) रमेशबाबू दीक्षित की दलील है कि सरकार ने किसानों का फसली ऋण माफ किया है। जबकि उनके बैंक ने ट्रैक्टर, भेड़, मछली, मुर्गी पालन, डेयरी आदि के लिए कर्ज दिया है। सहायक निबंधक के मुताबिक सरकार ने इन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया है। उधर, बांदा सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड प्रबंधक जीएल त्रिवेदी का कहना है कि बकाएदार किसानों को अदायगी के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है। कर्ज वापसी न होने से बैंक की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। बैंक का पैसा किसान अदा करें या सरकार। यही दलील हमीरपुर सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रबंधक रिजवान अंसारी दे रहे हैं। ब्यूरो


सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा की जा रही जमीन नीलामी के जनपदवार आंकड़े
जनपद     किसान     बकाया कर्ज 
बांदा         57         50,05,840
हमीरपुर     56         18,05,25,333
महोबा     31         78,18,473 
योग     144     3,08,24,313 


किसान यूनियन ने नीलामी निरस्त करने की मांग की
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में कर्जदार किसानों की सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा की जा रही भूमि नीलामी पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की बांदा यूनिट ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जमीन नीलामी कार्रवाई तत्काल निरस्त करने की मांग की है। कहा है कि बुंदेलखंड का किसान बुरी तरह टूट चुका है। कर्ज अदायगी की स्थिति में नहीं है। ऐसे में उनकी जमीनें नीलाम करना मानवीय नहीं है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी, मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी सहित रामस्वरूप निषाद, सत्यराम द्विवेदी, धरमराज सिंह, आलोपीदीन, शिवपूजन सिंह, राजाबाई आदि शामिल हैं। ब्यूरो

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