बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए अपनी जमीनें यूपीडा को बेचकर कीमत हासिल करने के लिए इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहतभरी खबर है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर महोबा के खजाने में जमा हो गए एक अरब 72 करोड़ रुपये बांदा को दे दिए गए हैं। बुधवार (15 मई) को शासनादेश के बाद गुरुवार (16 मई) को महोबा डीएम ने यह रकम बांदा डीएम के खाते में भेजे जाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
15 मई को औद्योगिक विकास अनुभाग के उप सचिव अनिल कुमार द्वारा जारी शासनादेश में महोबा के डीएम के पत्र का हवाला देकर कहा है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण और शेष भूमि खरीदने को एक अरब 19 करोड़ 29 लाख की जरूरत है। इसके सापेक्ष 2 अरब 82 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
शासनादेश में बांदा के डीएम के पत्र का हवाला देकर कहा कि बांदा में भूमि क्रय के लिए 4 अरब 66 करोड़ 11 लाख रुपये में मात्र 172 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। ये भुगतान हो चुके हैं। अब पैसा न होने से बैनामे और भूमि के भुगतान नहीं हो पाएगा। डीएम ने महोबा को आवंटित 2 अरब 82 करोड़ में से एक अरब 72 करोड़ रुपये वापस बांदा को दिलाने का अनुरोध किया था। शासनादेश में महोबा डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां जमा पैसे से एक अरब 72 करोड़ रुपये बांदा को स्थानांतरित कर दें। ये रुपये सिर्फ भूमि क्रय में खर्च होंगे।
शासनादेश जारी होने के अगले ही दिन महोबा के डीएम सहदेव ने आदेश जारी करते हुए अपने यहां कोषागार में जमा 2 अरब 82 करोड़ में से एक अरब 72 करोड़ रुपये बांदा जिलाधिकारी कार्यालय (भूमि अध्याप्ति अधिकारी) के डिपॉजिट खाते में स्थानांतरित करने के आदेश जारी कर दिए।
बांदा सदर तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि धन प्राप्त होने से अब बैनामों में तेजी आएगी और बकाया भुगतान किए जा सकेंगे। गौरतलब है कि 11 मई को अमर उजाला में एक्सप्रेस-वे की जमीन खरीद में पिछड़े होने की खबर प्रमुखता से छपी थी।