अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। विकास खंड महुआ की पंचायत दुरईमाफी और नरैनी ब्लाक की कल्याणपुर पंचायत में विकास कार्यों की जांच के लिए सीडीओ ने दो अलग-अलग टीमें गठित की हैं। मनरेगा उपायुक्त ने ग्राम पंचायत भवई में मनरेगा कार्यों में धांधली की जांच बीडीओ महुआ को सौंपी है।
महुआ ब्लाक के दुरईमाफी ग्राम पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। बिना खुली बैठक के गोपनीय ढंग से कार्य योजना बनाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया है।
डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने एसडीएम अतर्रा प्रह्लाद सिंह और जिला विकास अधिकारी जीके त्रिवेदी की टीम गठित की है। सप्ताह भर में आख्या मांगी है। शिकायतकर्ताओं को संज्ञान में लेकर मौके की वीडियोग्राफी भी कराने को कहा है।
इसी ब्लाक के भवई ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक द्वारा सगे-संबंधियों के जाबकार्ड बनाकर फर्जी मस्टर रोल निर्गत करने, बिना कार्य लाखों का भुगतान का आरोप है। डीएम के निर्देश पर उपायुक्त मनरेगा विकास मिश्रा ने बीडीओ महुआ को जांच सौंपी है।
उधर, मुख्य विकास अधिकारी रामकुमार सिंह ने नरैनी ब्लाक की ग्राम पंचायत कल्यानपुर में जांच के लिए बीडीओ नरैनी और ग्रामीण अभियंता विभाग के सहायक अभियंता की दो सदस्यीय टीम गठित की है।
गांव के रामनरेश ने डीएम से शिकायत कर प्रधान व सचिव पर राज्य वित्त व 14वें वित्त की धनराशि का दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सीडीओ ने संयुक्त जांच कर साक्ष्यों सहित सप्ताह भर में आख्या मांगी है।
दुरईमाफी व कल्यानपुर में सरकारी धन का दुरुपयोग
- सीडीओ ने गठित की अलग-अलग दो जांच टीमें, बीडीओ को सौंपी भवई में अनियमितता की जांच
- सप्ताह भर मांगी फोटो व साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट