शहर के पद्माकर चौराहा में आंधी से गिरी पेड़ की डाल।
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बांदा। निसर्ग चक्रवात के प्रभाव से दो दिनों तक लगातार बारिश से सराबोर रहे जिले में रविवार को फिर जमकर पानी बरसा। तेज हवाओं के साथ लगभग 13 मिलीमीटर झमाझम बारिश ने सुबह से चल रही उमस काफूर कर दी। पेड़ आदि गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। दो दिन पूर्व बारिश से पारा 10 डिग्री नीचे आ गया था। लेकिन यह रविवार को 12 डिग्री चढ़कर 39 डिग्री हो गया। दोपहर बाद हुई इस बारिश से अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। देर रात तक बादल छाए हुए थे।
जून माह का पहला हफ्ता बारिश और बादलों में बीता। सीमावर्ती मध्य प्रदेश में प्रभावी रहे निसर्ग चक्रवात का यहां भी असर पड़ा। बीते गुरुवार और शुक्रवार को दिन-रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। पारे में 10 डिग्री की जबरदस्त गिरावट आई। 37 डिग्री पर जा पहुंचा अधिकतम तापमान बारिश से 27 डिग्री पर आ गया। आम लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली।
शनिवार को सुबह हल्की-फुल्की बारिश को छोड़कर पूरा दिन सूखा बीता। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस रही। पारे ने 12 डिग्री की छलांग लगाई। उमस और गर्मी से लोग परेशान हो उठे। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और घने बादल छा गए। कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के बीच झमाझम बारिश हुई।
लगभग आधा घंटे तक हुई तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव और तेज हवाओं से पेड़ों की डालें टूटीं तथा बिजली के खंभे गिरे। अधिकतम पारे में 5 डिग्री की गिरावट आ गई। मौसम खुशगवार हो गया। देर रात तक बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रहीं।