बांदा। मानसूनी मौसम के ढाई माह की बारिश से चित्रकूटधाम मंडल के बांधों की सूरत में कुछ खास सुधार नहीं हुआ है। 15 जून से 1 सितंबर तक मंडल के 14 बांधों में रसिन बांध को छोड़कर अन्य 13 बांधों में जलस्तर चंद मीटर ही बढ़ सका है।
कुछ बांधों में तो आज भी उपयोगी पानी का भंडार महज एक से लेकर चार मिलियन घनमीटर है। रसिन को छोड़कर कोई भी बांध 50 फीसदी भी नहीं भर सका है। मानसूनी मौसम के शेष डेढ़ माह में बारिश ने करिश्मा न दिखाया तो मंडल के बांध शायद गर्मी से पहले ही पानी से खाली हो जाएं। चित्रकूटधाम मंडल सिंचाई विभाग के आंकड़ों से यह स्थिति उजागर हुई है। ढाई माह के बीत चुके मानसूनी मौसम में बांधों में बारिश का पैमाना भी हल्का रहा।
चित्रकूटधाम मंडल के बांधों का जलस्तर (मीटर में)
बांध जुलाई सितंबर वृद्धि भंडारण प्रतिशत
गंगऊ 224 224.51 0.51 17
रनगवां 219 228.60 9.60 45
बरियारपुर 186 186.27 0.27 00
ओहन 157 162.42 5.42 10
बरुवा 137 140.63 3.63 12
अर्जुन 169 171.02 2.02 15
चंद्रावल 146 147.46 1.46 03
कबरई 149 149.54 0.54 00
मझगवां 217 219.97 2.97 15
उर्मिल 227 231.40 3.40 14
मौदहा 139 143.30 4.30 27
गुंता 115 117.70 2.70 19
रसिन 137 141.10 4.10 62
सबसे ज्यादा 656 मिमी बारिश मौदहा बांध में
बांदा। ढाई माह के मानसूनी मौसम में मंडल के सभी बांधों में कमोवेश बारिश होती रही। सबसे ज्यादा 656 मिलीमीटर बारिश मौदहा बांध (हमीरपुर) में हुई है। रनगवां (छतरपुर) बांध में 403 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। बरियारपुर (छतरपुर) में 296, ओहन (चित्रकूट) बांध में 132, बरुवा (चित्रकूट) में 297, अर्जुन (महोबा) में 170, चंद्रावल (महोबा) में 182, कबरई (महोबा) में 290, मझगवां (महोबा) में 285, उर्मिल (महोबा) में 385, गुंता (चित्रकूट) में 294 और रसिन (चित्रकूट) बांध में 406 मिलीमीटर बारिश 15 जून से पहली सितंबर तक रिकार्ड की गई है।
गंगऊ और बरियारपुर बांध में फिर उफान
बांदा। 24 घंटों में मध्य प्रदेश के जल संग्रह क्षेत्रों में हुई बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांधों में फिर उफान आ गया है। गंगऊ और बरियारपुर बांध/वियर से क्रमश: 23 हजार और 17 हजार क्यूसिक पानी बढ़कर केन नदी में गिर रहा है।
सोमवार को गंगऊ से 55,270 और बरियारपुर से 47,687 क्यूसिक पानी केन नदी में डिस्चार्ज होता रहा। इस उफान से बांदा में केन नदी का जलस्तर 24 घंटे के दौरान तकरीबन दो मीटर फिर बढ़ गया। सोमवार को केन 98.94 मीटर पैमाने पर पहुंच गई, जबकि शनिवार को इसका पैमाना 97 मीटर था। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नदी के जलस्तर में अब कमी आ रही है।