बांदा। बुधवार को एक और विशेष ट्रेन सूरत (गुजरात) से आई। इसमें कुल 1236 प्रवासी श्रमिक थे। इनमें 965 श्रमिक बुंदेलखंड के थे। इनके अलावा प्रदेश के 18 जिलों सहित मध्य प्रदेश के श्रमिक भी यहां उतारे गए। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को रोडवेज बसों से उनके गृह जनपद/गांव रवाना किया गया। यहां आने वाली यह 23वीं विशेष ट्रेन थी। अब तक लगभग 30 हजार प्रवासी मजदूर ट्रेनों से आ चुके हैं।
तहसीलदार अवधेश निगम ने बताया कि बुधवार को दोपहर 1:15 बजे श्रमिकों को लेकर विशेष ट्रेन बांदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो पर आई। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच उन्हें ट्रेन से उतारा गया। कुल 1236 प्रवासी मजदूरों में सर्वाधिक 611 बांदा के हैं। चित्रकूट के 214, हमीरपुर के 126, महोबा के 26 व जालौन के 14 श्रमिक शामिल हैं।
इनके अलावा अन्य जिलों में प्रयागराज के 21, फतेहपुर के 95, कानपुर के 34, लखनऊ के 4, वाराणसी के 3, फैजाबाद के 22, बहराइच के 5, रायबरेली के 8, जौनपुर के 8, औरैया के 15, अंबेडकर नगर के 4, बाराबंकी के 3, इटावा के 7, प्रतापगढ़, मैनपुर, कौशाम्बी के 2-2, उन्नाव के 4 मजदूरों सहित के सहित मध्य प्रदेश के 6 यहां आए। इन सभी की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद 30 बसों से रवाना किया गया। सीओ सिटी आलोक मिश्रा, एसडीएम सुरजीत सिंह, एआरएम परमानंद पिल्लई, स्टेशन मास्टर केके कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
पहली जून से रोडवेज बसें चलाने की तैयारी
बांदा। 1 जून से प्रस्तावित रोडवेज बसों के संचालन का संकेत मिलते ही यहां परिवहन निगम अफसरों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों को मास्क लगवाना अनिवार्य किया गया है।
लॉकडाउन के बाद रोडवेज बसों का संचालन 25 मार्च से बंद है। इस बीच केवल प्रवासी श्रमिकों के लिए ही बसों का इस्तेमाल हुआ है। 31 मई को चौथे चरण का लॉकडाउन खत्म हो रहा है। ऐसे में राज्य सड़क परिवहन निगम ने पहली जून से कुछ शर्तों के साथ बसें संचालित करने की रणनीति बनाई है।
राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने चित्रकूटधाम मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजे पत्र में बसों को दुरुस्त और मेनटेन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि लॉकडाउन नियमों के पालन को प्रेरित करने वाले स्लोगन बसों में लिखाए जाएं। बसों में यात्रियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा।