बांदा। केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल से पूरे देश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा के मद्देनजर चित्रकूटधाम मंडल में पावर कार्पोरेशन (ट्रांसमीशन) ने तैयारी कर ली है। यह लागू हुआ तो पूरे मंडल में दिन-रात बिजली आपूर्ति की जाएगी। कारपोरेशन ने मंडल को छह बिजलीघरों की ट्रांसमीशन लाइन से जोड़ दिया है। अब कहीं से भी आपूर्ति ली जा सकेगी। उरई में स्थित 400 केवीए सब स्टेशन को पारीछा (झांसी) बिजलीघर से जोड़ा गया है। उधर, चित्रकूट में बुधवार से 220 केवीए सब स्टेशन चालू हो गया।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से पूरे देश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने के निर्देश दिए हैं। बुंदेलखंड में इस पर अमल काफी टेढ़ी खीर था, लेकिन पावर कारपोरेशन के ट्रांसमीशन विभाग का दावा है कि इसके लिए उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया है। यहां स्थित 220 केवीए सब स्टेशन के अधिशासी अभियंता (ट्रांसमीशन) आरके वर्मा ने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल की ट्रांसमीशन लाइनें प्रदेश के छह बिजलीघरों से जोड़ी जा चुकी हैं। जरूरत पड़ने पर किसी भी लाइन से मंडल को आपूर्ति ली जा सकेगी। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष 2020 तक बांदा और चित्रकूट जिलों में कई और सब स्टेशन चालू हो जाएंगे।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि चित्रकूट जिले के पहाड़ी में 220 केवीए सब स्टेशन चालू हो गया है। यहां लगे 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से बुधवार को आपूर्ति चालू कर दी गई। इस सब स्टेशन से मानिकपुर, सरैंया, मऊ, गोल पोखरी और कर्वी ग्रामीण समेत लगभग पूरे चित्रकूट जिले को बिजली मिलेगी। लो वोल्टेज भी नहीं रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस सब स्टेशन को रीवां रोड (प्रयागराज) जनरेशन स्टेशन से जोड़ा गया है। उनके मुताबिक राजापुर (चित्रकूट) में 132 केवीए सब स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है। अप्रैल में यह भी चालू हो जाएगा। इस सब स्टेशन से राजापुर नगर, राजापुर पंप कैनाल, सरधुआ और बांदा के कमासिन क्षेत्र में आपूर्ति होगी। बताया कि बांदा में खैराड़ा के पास नेशनल हाईवे पर स्थित 400 केवीए सब स्टेशन को दोहरे बिजलीघरों से जोड़ा गया है। इसमें दो सर्किट रीवां रोड प्रयागराज के हैं। इसी तरह उरई जिले में 400 केवी सब स्टेशन को पारीछा (झांसी) से जोड़ा गया है।