बांदा। शिक्षा और कन्या के विवाह के लिए चलाई गई केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) परवान नहीं चढ़ पा रही। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में पिछले चार सालों में मात्र 13 हजार खाते खुले हैं। चालू वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक हजार ही खाते खुल पाए हैं। पुराने और नए खातों को मिलाकर इस वर्ष कुल 12 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये ही खातों में जमा हुआ।
केंद्र सरकार ने कन्या की शिक्षा और विवाह के लिए 22 जनवरी 2015 को सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) की शुरुआत की थी। इसमें जमा धनराशि पर सरकार 8.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देती है, लेकिन मंडल में इस योजना को पिछले चार सालों में लोकप्रियता मिलती नहीं नजर आई। यही वजह है कि चारों जिलों में चार साल में मात्र 13 हजार ही खाते खुल पाए हैं।
बांदा में 5000, हमीरपुर व महोबा में तीन-तीन हजार और चित्रकूट में 2000 खाते खुले हैं। चालू वित्तीय वर्ष में बांदा में 400 और हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में 2-2 सौ नए खाते खुले। सहायक निदेशक बचत आरके जैन के अनुसार इस वर्ष नए व पुराने खातों को मिलाकर बांदा में 5 करोड़ 29 लाख 41 हजार, चित्रकूट में एक करोड़ 51 लाख 68 हजार, हमीरपुर में 3 करोड़ 62 लाख 10 हजार और महोबा में 2 करोड़ 12 लाख 66 हजार खाते खुले हैं। मंडल में आरडी खातों की संख्या 25 हजार से अधिक है। सालाना 15 करोड़ से अधिक जमा हो रहा है, जबकि इसमें ब्याज दर सलाना 7.3 फीसदी ही दी जाती है।
सिर्फ 250 रुपये से खुल जाता है खाता
बांदा। सुकन्या योजना में 10 वर्ष तक की कन्या का खाता बैंक या डाकघर में खोला जाता है। यह 250 रुपये से खुलता है। एक वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख तक जमा किए जा सकते हैं। खाते को सिर्फ 14 साल तक चलाया जाएगा। कन्या की उम्र 21 वर्ष होने पर जमा रकम ब्याज के साथ वापस कर दी जाएगी।