बांदा। सोलर संयंत्रों से राजस्व कार्यालयों को रोशन करने की कवायद पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। दूसरे जिलों में योजना के फ्लाप होने पर शासन ने दूसरे चरण के काम पर रोक लगा दी है। इसमें बांदा जिला भी शामिल था। यहां से एक करोड़ 23 लाख 53 हजार का प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी जानकारी राजस्व परिषद ने डीएम को भेजे पत्र में दी है।
बिजली की खपत कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी राजस्व कार्यालयों को दो चरणों में सोलर संयंत्रों से रोशन करने की योजना लागू की थी। पहले चरण में प्रदेश के 5 मंडलायुक्त, 10 कलक्ट्रेट व 60 तहसीलों में सोलर संयंत्र लगाए गए। दूसरे चरण में बुंदेलखंड के मंडलायुक्त (बांदा व झांसी) समेत सातों जिलों के कलक्ट्रेट व तहसील कार्यालयों में सोलर संयंत्र लगाए जाने थे।
डीएम ने कलक्ट्रेट परिसर समेत तहसील नरैनी, बबेरू व पैलानी में सोलर संयंत्र लगाने के लिए राजस्व परिषद को एक करोड़ 23 लाख 53 हजार का प्रस्ताव भेजा था।
उधर, राजस्व परिषद के उप भूमि व्यवस्था आयुक्त/सचिव सुनील कुमार चौधरी ने डीएम को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि कलक्ट्रेट मैनपुरी समेत कई स्थानों पर सोलर संयंत्र के ठीक प्रकार से काम न करने की शिकायत के बाद शासन ने दूसरे चरण के कार्य पर रोक लगा दी है। ऐसे में धन आवंटन किया जाना संभव नहीं है।