बांदा। शनिवार को दो और विशेष श्रमिक ट्रेनें सूरत (गुजरात) से मजदूरों को लेकर आई। दोनों ट्रेनों में 3409 प्रवासी मजदूर आए। इनमें में 1142 मजदूर बुंदेलखंड के सातों जिलों के हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के 29 जनपदों और मध्य प्रदेश के 13 मजदूर भी इन ट्रेनों से यहां पहुंचे। इन सभी को रेलवे स्टेशन से 95 रोडवेज बसों में उनके पैतृक गांव/जनपद के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
अब तक यहां 8 ट्रेनें प्रवासी मजदूरों का ला चुकी हैं। विशेष ट्रेनों की आमद का सिलसिला 7 मई से शुरू हुआ था। शनिवार को सूरत से दो ट्रेनें आई। पहली सुबह 7 बजे और दूसरी ट्रेन शाम 5 बजे प्लेटफार्म पर आई। पहले से ही चारों तरफ लगी पुलिस ने श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग के बीच ट्रेनों से उतारकर रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी रोडवेज की बसों में बैठाया।
बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी थे। अपर एसपी एलबीके पाल, एसडीएम सुरजीत सिंह, तहसीलदार अवधेश कुमार निगम, रोडवेज एआर परमानंद, सीओ सिटी आलोक कुमार व आरपीएफ इंस्पेक्टर एके जांगिड, जीआरपी थानाध्यक्ष रामबरन सिंह आदि प्लेटफार्म पर मौजूद रहे।
अब तक 19086 प्रवासी मजदूरों की हुई आमद
बांदा। जिले में अब तक 19086 मजदूर दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, मुुंबई, इंदौर आदि से आ चुके हैं। इनमें 9985 मजदूर ट्रेनों से और 8058 श्रमिक बसों से आए हैं। सभी श्रमिकों को रोडवेज की बसों को उनके गृह जनपद भेजा गया है। वहां थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें होम क्वारंटीन पर रखा जाएगा।
पहली विशेष ट्रेन में आए यूपी के विभिन्न जनपदों के मजदूर-
कानपुर 34, फतेहपुर 187, उन्नाव 58, औरय्या 1, हरदोई 1, कन्नौज 2, महाराजगंज 4, वाराणसी 22, कौशांबी 13, लखनऊ 3, मऊ 4, आजमगढ़ 2, अंबेडकर नगर 2, इलाहाबाद 36, बिजनौर 9, सुल्तानपुर 60, गोरखपुर 11, देवरिया 16, कुशीनगर 13, रायबरेली 20, फैजाबाद 03, जौनपुर 16, बस्ती 2, भदोही 6, गोंडा 4, बलरामपुर 6, मिर्जापुर 1, फिरोजबाद 1, प्रतापगढ़ 6, गाजीपुर 11 तथा मध्य प्रदेश 4।
दूसरी श्रमिक ट्रेन से विभिन्न जनपदों के आए श्रमिक
बांदा। कानपुर 39, उन्नाव 1, फतेहपुर 114, इलाहाबाद 19, गोंडा 1,कौशंाबी 5, रायबरेली 5, सुल्तानपुर 2, छतरपुर एमपी 9।
प्यासे मजदूर ने बांदा में ट्रेन से उतरते ही मजदूर ने बुझाई प्यास- फोटो : BANDA