अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। चेक बाउंस (एनआई एक्ट) मामले में गलत रिपोर्ट देने पर अदालत ने बांदा शहर कोतवाली प्रभारी और नगर पालिका की पूर्व सदस्य से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही मामले की आरोपी महिला वार्ड सदस्य को जमानत पर रिहा कर दिया और दूसरे आरोपी को जेल भिजवा दिया।
गिरवां थाना क्षेत्र के खुरहंड निवासी आमोल सिंह ने बांदा शहर निवासी अजीमउल्ला खां पुत्र बशीर उल्ला खां व शमा महफूज पुत्री महफूज अली (रामा का इमामबाड़ा, खाईंपार) के विरुद्ध एनआई एक्ट की धारा 38 के तहत विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया है। दोनों अभियुक्त अदालत में पेश नहीं हो रहे। इसी वर्ष 9 मई को उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट और उनके जमानतदारों को नोटिस जारी हुई थी। इन दोनों के घरों के सही पते न देने पर बुधवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने बांदा शहर कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी और इस वार्ड की तत्कालीन नगर पालिका सदस्य राम दुलारी से 18 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण तलब किया है।
कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना का केस दर्ज किया जाए ? उधर, बुधवार को ही दोनों अभियुक्तों ने अदालत में उपस्थित होकर वारंट रिकाल करने की अर्जी दी। मजिस्ट्रेट ने महिला आरोपी शमा महफूज को तो जमानत पर रिहा कर दिया लेकिन दूसरे अभियुक्त अजीमउल्ला की अर्जी निरस्त कर जेल भेजने का आदेश दिया।
-आरोपियों का गलत पता देने का आरोप
-एनआई एक्ट में गैरहाजिर अभियुक्त को भेजा जेल
-महिला आरोपी को दी जमानत