बांदा (ब्यूरो)। बालू खदानों के पट्टे और नीलामी ई-प्रणाली से किए जाने की लागू व्यवस्था के बाद शुक्रवार को चित्रकूटधाम मंडल के खनिज अधिकारियों को ई-टेंडर और सह ई-नीलामी आदि का प्रशिक्षण दिया गया।
मयूर भवन में मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने अध्यक्षता करते हुए ई-टेंडर/ई-नीलामी की बारीकियां से खनिज अधिकारियों को आगाह कराया। प्रशिक्षक रोहित सिंह व सव्यसांची मुखर्जी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से नीलामी के बारे में तकनीकी जानकारियां दीं।
बताया गया कि जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी। इसमें डीएम द्वारा नामित एडीएम अध्यक्ष होंगे। साथ ही डीएम किसी वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य नामित करेंगे। खनिज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। इन सभी के डिजिटल हस्ताक्षर बनाए जाएंगे।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि बालू, मोरंग, बजरी खदानों/खंडों का निर्धारण समिति द्वारा किया जाएगा। यह खंड पांच हेक्टेअर से कम नहीं होंगे। ई-टेंडर, सह ई-नीलामी के जरिए मंजूर हुआ पट्टा पांच वर्ष के लिए होगा। रिक्त खदानों/खंडों के बारे में दैनिक समाचार पत्रों और एमएसटीसी के पोर्टल में विज्ञान प्रकाशित कराया जाएगा।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि सारी प्रक्रियाओं का सभी अधिकारी भलिभांति तकनीकी अध्ययन कर लें। प्रशिक्षण में डीएम बांदा महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम हमीरपुर मन्नान अख्तर, एडीएम गंगाराम गुप्ता और खनिज अधिकारी आशीष कुमार सिंह सहित मंडल के सभी एडीएम और खनिज अधिकारी शामिल रहे।
-मंडल के चारों जिलों के अफसरों ने ली ट्रेनिंग, मंडलायुक्त ने पालन के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो