बांदा। पेयजल संकट से जूझ रहे जनपद में ‘भू-जल बढ़ाओ-पेयजल बचाओ’ अभियान के तहत तालाबों व कुओं के जीर्णोद्धार व संरक्षण में महाविद्यालय व इंटर कालेज के छात्र-छात्राएं भी भागीदार बनेंगे। उन्हें तालाबों को गोद दिया जाएगा। स्वैच्छिक श्रमदान से वह इनकी तस्वीर बदलेंगे।
पेयजल संकट से बांदा शहर समेत पूरा जनपद जूझ रहा है। भूजल स्तर नीचे चले जाने से बड़ी संख्या में हैंडपंप और नलकूप ठप पड़ गए हैं। तालाब और कुएं भी सूख गए हैं। जल संस्थान को जलापूर्ति में पसीने छूट रहे हैं। इन हालात के मद्देनजर डीएम हीरा लाल ने कुएं और तालाब पर पूरा ध्यान लगा दिया है।
डीएम ने राजकीय, मान्यता प्राप्त व वित्तविहीन महाविद्यालय इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों से कहा है कि वह अपने पास के एक तालाब को गोद लें और छात्र-छात्राओं के सहयोग से श्रमदान करके उसे पुर्नजीवित करने का प्रयास करें। जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान रहमान का बताया कि सभी प्रधानाचार्यो से 10 दिन के अंदर गोद लिए गए तालाबों की सूची मांगी गई है।
हर गांव में रखे जाएंगे दो जल मित्र
बांदा। भू-जल बढ़ाओ-पेयजल बचाओ अभियान के प्रति जन-जागृति व प्रचार प्रसार के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिला पुरूष दो जल मित्र रखे जाएंगे। पीडी/उपायुक्त मनरेगा आरपी मिश्रा ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के अंदर जल मित्रों की सूची उपलब्ध कराएं। इनमें ऐसे युवकों को महत्व दिया जाए जो जन सामान्य के बीच जल की महत्ता बताने में निपुण हों। ब्यूरो
पाइप लाइन पुरानी, पानी की परेशानी
बांदा। पेयजल संकट से जूझ रहे शहर के जवाहर नगर के बाशिंदों ने एडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि दो दशक पुरानी चार इंची पाइप लाइन से इंदिरा नगर स्थित टंकी से आपूर्ति होती है। नलो में 10 से 15 मिनट ही पानी आता है। वह भी बदबूदार है। ज्ञापन देने वालों में अवधेश शिवहरे, जुबैदा खातून, जीशान खां, केसर कुशवाहा, रीना देवी, रामकुमारी, लाल वर्मा, धनश्याम आदि मौजूद रहे। ब्यूरो