बांदा। लोकसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच किसानों की नींद उड़ने लगीं हैं। उन पर बैंकों ने कर्ज अदायगी का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चुनाव आचार संहिता के बीच जारी नोटिसों में किसानों को 10 दिन के अंदर पैसा जमा न करने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैंकों ने यह भी खबरदार किया है कि उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई में आने वाला खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार यह रट लगाती रही हैं कि बुंदेलखंड के किसानों पर कर्ज वसूली के लिए उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं होगी। सरकारें किसानों का कर्ज भी माफ कर रही हैं। दूसरी तरफ आर्यावर्त बैंक ने चुनाव और सरकारों के आश्वासन के परवाह किए बगैर किसानों से वसूली की कवायदें तेज कर दी हैं।
इसकी बानगी नरैनी क्षेत्र में नहरी गांव की आर्यावर्त बैंक ब्रांच है। बैंक ने करीब 1000 कर्जदार किसानों को नोटिस जारी किया है। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के नहरी शाखा प्रबंधक हरीकिशन गुप्ता ने बताया कि उनकी ब्रांच से लगभग एक हजार खाताधारकों को नोटिस जारी की गई है। उन्होंने कहा कि ये सब केसीसी धारक हैं। एक वर्ष से ज्यादा हो चुका है। ब्याज और मूलधन नहीं जमा किया। उन्होंने कहा है कि बैंक के उच्चधिकारियों के निर्देश पर नोटिस जारी किए हैं।
उदयी पुरवा निवासी राजू ने बताया कि उसके पिता श्रीपाल पुत्र जगदेव की मृत्यु हो चुकी है। कर्जमाफी के लिए उन्होंने बैंक में आवेदन किया था। ब्याज भी जमा कर दिया था, लेकिन कर्ज माफ नहीं हुआ। बैंक ने उसे 47,267 रुपये जमा करने का नोटिस भेजा है।
इसी तरह नहरी (महारानी) के किसान दादूराम प्रजापति को 44,500 रुपये, कंतू धोबी पुत्र भाऊ को 69,688 रुपये जागेश्वर पुत्र गोरेलाल को 1,90,000 रुपये, चंद्रपाल पुत्र सुंदरलाल को 1,01,000 रुपये व रामकिशोर पुत्र सुंदरलाल (वैद्यनपुरवा) को 44,000 रुपये की नोटिस जारी किए गए हैं।
किसानों ने बताया कि बैंक कर्मी नोटिस देने के साथ ही मौखिक भी खबरदार कर गए हैं कि 10 दिनों के अंदर ब्याज सहित अदायगी करें। नोटिस में कहा गया है कि स्वेच्छा से बैंक में जमा नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इसमें आना वाला खर्च कर्जदार किसान से ही वसूला जाएगा।