नरैनी। एक तरफ जहां पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण पर
जोर दिया जा रहा है, वहीं कुछ अराजकतत्व हरे पौधों पर कुल्हाड़ा चलाकर
रंजिश भुना रहे हैं।
ऐसी ही एक घटना में खेत में हरे-भरे खड़े लगभग
1000 सागौन के कीमती पौधों को रातोंरात काटकर तहस-नहस कर दिया गया। इससे
10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान और वन संपदा क्षति हुई है। पुलिस का कहना
है कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र
के रंजीतपुर (लहुरेहटा) गांव के किसान तसद्दुक ने दो साल पहले अपनी दो बीघा
जमीन में करीब 1000 सागौन के पौधे लगाए थे। ये पौधे उसने पत्नी जैतून
खातून के नाम से शिव शक्ति कंपनी से खरीदे थे। इन दिनों ये पेड़ बढ़कर 10
से 15 फुट तक लंबे हो चुके थे।
16 अक्तूबर की रात किन्हीं लोगों ने
खेत मेें धावा बोलकर धारदार हथियार से सारे पड़े काटकर धराशाई कर दिए।
सुबह खेत में पहुंचे किसान तसद्दुक ने यह नजारा देखा तो माथा पकड़कर बैठ
गया। उसने बताया कि पौधे तैयार होने पर इनकी कीमत करोड़ रुपये से ज्यादा
थी।
किसान ने नरैनी कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी जय
हिंद रावत ने सोमवार की शाम फोन पर बताया कि वे फिलहाल चुनाव ड्यूटी पर
हैं, इसलिए जानकारी नहीं मिल पाई। थाने में तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज
कराकर जांच की जाएगी।
उधर, क्षेत्र के वन विभाग सेक्शन अधिकारी
महताब खां ने बताया कि फिलहाल उन्हें इतनी बड़ी संख्या में सागौन के पेड़
काटे जाने की सूचना नहीं मिली है। वे पता करेंगे।
घटना सत्य पाए
जाने पर वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच और कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले साल भी इसी गांव में एक कृषि फार्म में 500 हरे पेड़
किन्हीं लोगों ने काट दिए थे। ये पेड़ वन विभाग ने लगवाए थे। तब भी कोई
कार्रवाई नहीं हुई थी।