किशोरी के साथ दुराचार के मामले में अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त जेल भी भुगतनी होगी।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व पिता ने 6 फरवरी 2013 को तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री सुबह 10 बजे स्कूल पढ़ने गई थी। लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। छतरपुर (एमपी) के सरबई थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव का अवधेश पुत्र रामदेव उसे बहलाकर ले गया। कई दिनों तक तलाश की, लेकिन पता नहीं लगा।
आरोपी अवधेश पल्हरी गांव श्रीराम पुत्र रघुवर के घर शादी में शामिल होने आया था। पुलिस ने धारा 363, 366 व 376 आईपीसी व पास्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचक ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता हबीब बख्श ने सात गवाह पेश किए।
विशेष न्यायाधीश (पास्को एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अरुण कुमार मल्ल ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश ने अवधेश को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। धारा 376 (2)झ और पास्को एक्ट में 10-10 वर्ष की जेल और 5-5 हजार रुपये जुर्माना किया। अदा न करने पर 1-1 वर्ष की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। जेल में बिताई अवधि भी सजा में समायोजित करने के आदेश दिए। अभियुक्त जमानत पर था।