राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त अनीस मंसूरी को माला पहनाकर स्वागत करते पसमांदा समाज के लोग।
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बांदा/बबेरू। इज्तिमाई निकाह एवं शादी सम्मेलन में मुस्लिम रीति-रिवाजों से 10 जोड़ों का निकाह हुआ। आयोजक पसमांदा मुस्लिम समाज ने दूल्हा-दुल्हन को तोहफे दिए गए। उधर, बबेरू में सामूहिक विवाह व परिचय सम्मेलन में 17 जोड़ों ने फेरे लिए। रविवार को निजामी पैलेस में आयोजित सामूहिक शादी में मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवां समेत बांदा, महोबा, राठ, पनवाड़ी के लोगों ने शिरकत की। खास मेहमान के तौर पर पसमांदा मुस्लिम समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अनीस मंसूरी व महासचिव अहमद मंसूरी मौजूद थे।
उन्हें आयोजकों ने भारी भरकम माला पहनाकर मंच पर स्वागत किया। कानपुर विधायक इरफान सोलंकी की बहन उजमा सोलंकी ने भी समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इज्तिमाई निकाह के जरिए फिजूलखर्ची से बचने की गुजारिश की। कार्यक्रम संयोजक व मंडल अध्यक्ष ऐनुल हक राईन ने बताया कि सभी जोड़ों को बेड, अलमारी, बक्सा, कुर्सी-मेज, चूल्हा और बर्तन आदि तोहफे में दिए गए। जिलाध्यक्ष सलीम मंसूरी, नगर अध्यक्ष रशीद अली शाह, सलाहकार समिति चेयरमैन डा.इदरीस मोहम्मद समेत पसमांदा जिला यूनिट सदस्यों ने व्यवस्था संभाली।
उधर, बबेरू में महाकन्या दान कान्य कुब्ज वैश्य भुर्जी समिति द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन व सामूहिक विवाह में 17 जोड़े एक-दूजे के हुए। दहेज रहित विवाह में समिति ने पूरा खर्च उठाया। मैरिज हाल में समिति प्रबंधक रामबाबू भुर्जी व अध्यक्ष अशोक भुर्जी की देखरेख में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने विवाह समारोह की व्यवस्था संभाली। प्रदेश के कई जिलों व सीमावर्ती मध्य प्रदेश से आए स्वजातीय लोगों ने परिचय सम्मेलन में पंजीकरण कराया। आगंतुकों के आवास व भोजन की व्यवस्था समिति की ओर से की गई थी। भुर्जी समाज के राकेश, रामकरन, राजेंद्र, गंगा प्रसाद, नर्वदा प्रसाद, रामनिवाज, केशव, बासदेव, संतोष, शिवऔतार, श्रीपाल आदि शामिल रहे।