फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदाःपहली बार एक साथ 10 डेंगू के मरीज मिले

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। जनपद में पहली बार एक साथ 10 डेंगू पॉजिटिव केस सामने आए हैं। उन्हें जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया है। अधिकतर मरीजों की प्लेटलेट्स 30 हजार से कम पाई गई हैं।
विज्ञापन

बारिश के बाद मच्छरों के साथ डेंगू का प्रकोप भी बढ़ा है। मंगलवार को छुट्टी के चलते जिला अस्पताल में सिर्फ 12 बजे तक ओपीडी खुली। इसमें लगभग 759 मरीजों का इलाज हुआ। इनमें करीब 25 फीसदी मरीज बुखार से ग्रसित थे।
पैथोलॉजी विभाग के वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन रामलखन चौरसिया ने बताया कि कुल 17 नमूनों की जांच की गई। इसमें 10 डेंगू पॉजिटिव निकले हैं। सीएमएस और सीएमओ को सूचना भेज दी गई है। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में ओपीडी में 842 मरीजों का इलाज हुआ। यहां भी बुखार के मरीजों की यही स्थिति रही।
विज्ञापन

मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। यहां 17 डेंगू संदिग्ध मरीज मिले। उनकी जांच कराई गई पर यहां कोई डेंगू पॉजिटिव नहीं मिला। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि किट से जांच कराई जा रही है। बुखार या कम प्लेटलेट्स होने पर मरीज को भर्ती किया जा रहा है।
मंगलवार को मिले डेंगू मरीज
शबा (21) पुत्री मोहम्मद शौकत निवासी खुटला, प्रीतम कुमार (22) पुत्र राजकिशोर निवासी डीएम कालोनी, शैलेंद्र (8) पुत्र लोकेंद्र निवासी शांति नगर, कुलदीप (26) पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी परशुराम तालाब, रावेंद्र (25) पुत्र दीनदयाल निवासी सर्वोदय नगर, मंजू यादव (24) पुत्री शेषनारायण निवासी कालूकुआं, सचिन (15) पुत्र हरीशरण निवासी बंगालीपुरा, ऊषा देवी (34) पत्नी वीर सिंह निवासी गोयरा मुगली, एनआईटी अधिकारी वीपी शर्मा (57) व अजय (23) पुत्र गोविंददास निवासी मानिकपुर (कर्वी) आदि।
डेंगू मरीज खोल रहे दावों की पोल
बांदा। मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव और फॉगिंग के स्वास्थ्य विभाग के दावे की पोल डेंगू के बड़ी संख्या में निकल रहे मरीज खोल रहे हैं। सीएमओ डॉ.एके श्रीवास्तव के मुताबिक जिन मोहल्लों में डेंगू के मरीज निकलते हैं। वहां टीम भेजकर सर्वे और छिड़काव कराया जा रहा है। फिलहाल मरीज इन दावों की खुद पोल खोल रहे हैं। तीमारदार मोहम्मद राहत (खुटला) ने बताया कि उनके घर में डेंगू केस निकला, लेकिन कोई टीम नहीं आई। न ही घर का सर्वे आदि किया गया। नितिन (इंदिरा नगर), रामनरेश (बाबा तालाब), अहमद खां (चमरौडी) ने भी इस बात की सहमति दी थी।
3500 प्रजातियों में तीन मच्छर ज्यादा खतरनाक
बांदा। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि विश्व में मच्छरों की करीब 3500 प्रजातियों में से तीन सबसे खतरनाक हैं। मलेरिया बुखार एनाफिलीज मच्छर से होता है। इसके पंख पर काले धब्बे होते हैं। डेंगू और चिकिनगुनिया एडीज मच्छर से फैलता है। इसके शरीर पर सफेदधारियां एवं चित्तियां होती हैं। सिर झुका रहता है। क्यूलेक्स मच्छर के शरीर पर कोई धब्बे नहीं होते हैं। यह त्वचा या सतह पर लगभग सीधा समानांतर बैठता है। वक्ष का हिस्सा कूबड़ की तरह मुड़ा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें