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ट्रिपल मर्डर के 10 आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार

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तिहरे हत्याकांड में गिरफ्तार महिलाएं पुलिस अभिरक्षा में। - फोटो : BANDA
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बांदा। पुलिस कांस्टेबल व उसकी बहन और मां की सामूहिक हत्या के 10 आरोपियों को पुलिस ने 43 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया। इनमें चार महिलाएं भी हैं। अभी भी इस जघन्य नरसंहार के मास्टर माइंड आरोपी सहित 5 अभियुक्त फरार हैं। इनमें एक महिला है। सोमवार को गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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शुक्रवार की रात शहर के परशुराम तालाब चमरौडी मोहल्ले में पुलिस कांस्टेबल अभिजीत वर्मा उर्फ गोल्डी (27) और उसकी स्नातक बहन निशा (25) और मां रमा देवी (50) की घर के बगल में रहने वाले ही चचेरे भाइयों और उनके ससुराल वालों आदि ने मिलकर कुल्हाड़ी, डंडा आदि से सामूहिक हत्या कर दी थी।
कांस्टेबल और उसकी बहन अविवाहित थे। घटना की पृष्ठभूमि में पुराना जमीनी विवाद और उसी दिन जूठन फेंकने को लेकर हुआ झगड़ा बताया गया है। मृतक सिपाही के भाई सौरभ वर्मा ने तीन चचेरे भाइयों सहित कुल 15 लोगों की नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या सहित कई संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें 5 महिलाएं भी हैं।
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घटना के बाद से ही पुलिस अभियुक्तों की धरपकड़ में जुट गई थी। ज्यादातर अभियुक्त गिरफ्तार हो गए थे। लेकिन पुलिस ने पुष्टि नहीं की थी। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने सामूहिक हत्याकांड के 10 आरोपियों को यहां सीजेएम अदालत में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश किया।
यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इनमें चार महिलाएं भी हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि इन सभी को सर्विलांस की मदद से रविवार को शाम डिंगवाही और पल्हरी गांवों से गिरफ्तार किया गया है। उधर, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस की कई टीमों के अलावा एसओजी और क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
सामूहिक हत्या के गिरफ्तार आरोपी
1. देवराज, 2. शिवपूजन, 3. सुरेश उर्फ बबलू पुत्रगण भगवानदीन (तीनों सगे भाई), 4. धर्मवीर पुत्र शिवराज (मृतक के चचेरे भाई देवराज का साला), 5. कामता पुत्र सुखदेव, 6. रोहित पुत्र सुखदेव (देवराज के ससुराली), 7. रज्जो पत्नी देवराज (मृतक की भाभी), 8. धर्मवती पत्नी शिवपूजन (मृतक की भाभी), 9. शकुंतला पत्नी सोमचंद्र (देवराज की ससुराली), 10. मछला पत्नी शिवराम (देवराज की सास)। यह सभी मृतक कांस्टेबल के पड़ोसी हैं।
फरार आरोपी
1. सोमचंद्र पुत्र शिवराज (मृतक का रिश्ते में साला), 2. धर्मेंद्र (शिवराज का पुत्र), 3. राज उर्फ गोपी पुत्र देवराज (मृतक का भतीजा), 4. सूरज पुत्र रामशरण, 5. शिववती पत्नी धर्मेंद्र (सभी मृतक के पड़ोसी) व 2 अज्ञात।
चौकी प्रभारी सहित चार पुलिस कर्मी लाइन हाजिर
बांदा। पुलिस जवान समेत ट्रिपल मर्डर की शहर में हुई चर्चित घटना में घटनास्थल के नजदीक स्थित कालूकुआं चौकी पुलिस आरोपों के घेरे में है। मृतक कांस्टेबल के भाई सौरभ ने इसका जिक्र दर्ज हुई एफआईआर में किया है।
कहा है कि उसका भाई अभिजीत (मृतक) घटना वाले दिन आरोपियों के खिलाफ तहरीर लेकर कालूकुआं पुलिस चौकी गया था। लेकिन चौकी के दीवान राजा सिंह ने उसे डांटकर भगा दिया था।
पुलिस की हो रही किरकिरी के बाद अंतत: पुलिस अधीक्षक डा.एसएस मीणा ने फिलहाल चौकी प्रभारी राजेश मिश्रा, दीवान राजा सिंह और कांस्टेबल राहुल व आशुतोष को चौकी से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीओ सदर जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
किराया न देने पर ई-रिक्शा चालक पुलिस से भिड़ा
बांदा। जघन्य अपराधों के बावजूद पुलिसिया रुआब कम नहीं हो रहा। सोमवार को सामूहिक नरसंहार की आरोपी महिलाओं और तीन महिला पुलिस कर्मियों को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए लाया गया। लेकिन पुलिस कर्मियों द्वारा किराया न देने पर ई-रिक्शा चालक ने हंगामा कर दिया।
पुलिस कर्मी कोतवाली जाकर किराया लेने और देख लेने का रुआब झाड़ते रहे। अंतत: भीड़ लगने और मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर बमुश्किल पुलिस कर्मी ने अपनी जेब से उसे 50 रुपये दिए। छाबी तालाब निवासी ई-रिक्शा चालक ने आरोप लगाया कि उसका किराया 100 रुपये होता है।

जिला अस्पताल मेडिकल के लिए लाए गए तिहरे हत्याकांड में पकड़े गए चचेरे भाई व अन्य आरोपी।- फोटो : BANDA

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