हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। रामफल मेमोरियल कन्या महाविद्यालय बेलभरिया में मंगलवार की शाम तीन दिवसीय गंगा दशहरा मेले का शुभारंभ किया गया। गंगा पूजन व आरती के बाद लोगों को जल व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता व आयोजक अंबिकेश्वर प्रसाद मिश्रा ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर व आरती उतारकर गंगा दशहरा मेले की शुरुआत की। पहले दिन गंगा पूजन कार्यक्रम में तमाम लोग शामिल हुए। गंगा का महत्व बताते हुए आयोजक ने कहा कि सनातन धर्म में गंगा को मां का स्वरूप माना गया है। धर्मग्रंथों में मां गंगा को मोक्ष दायिनी कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि गंगा के बिना पूर्वजों का तर्पण संभव नहीं है। धार्मिक मान्यता के अलावा दैनिक जीवन में भी गंगा का विशेष महत्व है। गंगा का पावन जल किसी औषधि से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि गंगा के महत्व को देखते हुए हम सभी लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि नदी और नालों का न तो अतिक्रमण करेंगे और न ही किसी भी तरह से दूषित होने देंगे।
गंगा पूजन कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने नदी-नालों के साथ पर्यावरण को संरक्षित करने का संकल्प लिया। सभी लोगों ने पृथ्वी को हरा-भरा रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपित करने का भी सकंल्प लिया। तीन दिवसीय दशहरा मेले में लगे झूले, सर्कस और आरकेस्ट्रा लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र है। इस अवसर पर आशुतोष त्रिपाठी, मयंक त्रिपाठी, बाबूराम मिश्र, लहरी प्रसाद, इतवारी प्रसाद, रामकुमार व राजीव मिश्रा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।