बलरामपुर। आकांक्षात्मक जनपद के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के सपनों को उड़ान के पंख लगाए जा रहे हैं। जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 3593 समूहों का गठन किया जा चुका है। 1140 समूूहों को रिवाल्विंग फंड और 565 समूहों को सामुदायिक निवेश की धनराशि देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। 375 समूहों को बैंकों से स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाया गया है। 124 ग्राम संगठनों व चार संकुल स्तरीय संघ का निर्माण कराकर जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जागरूक किया जा रहा है। समूहों के गठन से महिलाओं की जीवनशैली में बदलाव आएगा।
उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह यादव ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार का ग्रामीण निर्धन परिवारों को संगठित कर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम है। बलरामपुर प्रदेश के आठ आकांक्षी जनपदों में से एक है। एक अक्तूबर 2018 से संचालित योजना में अब तक जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 3593 महिला समूहों का गठन करके 1140 को रिवाल्विंग फंड व 565 को सामुदायिक निवेश की धनराशि दी गई है। रिवाल्विंग फंड में प्रत्येक समूह को 15-15 हजार रुपये दिए गए हैं।
ग्राम संगठन के माध्यम से एक लाख 10 हजार रुपये सामुदायिक निवेश के लिए दिया गया है। जिलेभर में 124 ग्राम संगठनों और चार संकुल स्तरीय संघ का गठन किया गया है। समूहों के सभी सदस्यों को सिलाई-कढ़ाई, पापड़, अचार, पेठा, बैग, अगरबत्ती, मोमबत्ती और प्राकृतिक फूलों से अबीर व गुलाल बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिले के दो ब्लॉकों में महिला समूहों के माध्यम से प्रेरणा कैंटीन संचालित की जा रही है।
जिला मिशन प्रबंधक अनिल कुमार द्विवेदी व अखिलेश कुमार मौर्य सहित अन्य सदस्य महिला समूहों के गठन व महिलाओं को स्वरोजगार के तरीके बताकर आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र की लाखाें महिलाओं को समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीडीओ अमनदीप डुली का कहना है कि ग्रामीण निर्धनता को समाप्त करने के उद्देश्य से ग्रामीण आजीविका मिशन शुरू किया गया है। सभी महिला समूहों का स्थानीय बैंक में खाता खुलवाकर क्रेडिट लिंकेज कराया जा रहा है। प्रत्येक समूह में एक पुस्तक संचालक और गांव में समूह-सखी, आजीविका सखी व बैंक सखी को दायित्व सौंपा गया है। ब्लॉक रिर्सोस पर्सन के रूप में समूह की महिलाओं को चुनकर ट्रेनिंग दी जा रही है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि जिले के सभी महिला समूहों के सदस्यों को स्वरोजगार के माध्यम से हर सदस्य की पांच से 10 हजार रुपये मासिक आमदनी करने पर फोकस किया जा रहा है। जिले की कई महिलाओं ने समूहों के माध्यम से स्वरोजगार के शानदार अवसर का लाभ उठाया है। जिले की सभी ग्रामीण महिलाएं समूह से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आय का माध्यम तलाशें। प्रशासन की तरफ से सभी महिला समूहों को हर स्तर पर मदद मुहैया कराई जाएगी।