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Balrampur News: 37.90 लाख दिन काम कर आर्थिक रूप से सशक्त बनीं महिलाएं

Tue, 18 Mar 2025 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। जिले की महिलाएं केवल घर के कामकाज तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। परिवार की देखभाल के साथ, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 793 ग्राम पंचायतों में औसतन 37.90 लाख दिन का काम करके 63 हजार महिलाएं गांवों के विकास में अपना योगदान दे रही हैं।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत, जिले की 793 ग्राम पंचायतों में कुल 86,979 महिला श्रमिक पंजीकृत हैं। जिनमें से 63,175 महिला श्रमिक सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ये महिलाएं न केवल घर की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि डलिया और फावड़ा उठाकर मनरेगा के कार्यों में भी भागीदारी कर रही हैं। इस वित्तीय वर्ष में इन महिलाओं ने करीब 37.90 लाख दिन का काम पूरा किया है और इसके बदले उन्हें लगभग 89.83 करोड़ रुपये का मेहनताना प्राप्त हुआ है। इसके कारण उनके परिवारों के पुरुष सदस्य भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जिससे परिवारों को मजबूती मिली है।- संवाद

महिलाओं के हाथ में निगरानी का जिम्मा
मनरेगा के कार्यों की निगरानी अब तक रोजगार सेवक करते थे, लेकिन महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन ने इस जिम्मेदारी को महिलाओं को सौंपा है। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में एक महिला मेट की तैनाती की गई है। जिले की 794 ग्राम पंचायतों में से 1,001 ग्राम पंचायतों में महिला मेट तैनात हो चुकी हैं। तुलसीपुर ब्लॉक में सबसे अधिक 148 महिला मेट तैनात की गई हैं, जबकि पचपेड़वा में 143 और उतरौला में 70 महिला मेट हैं। इसी तरह अन्य ब्लॉकों में भी महिला मेट की तैनाती की गई है।
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ब्लॉकवार महिला श्रमिकों की संख्या:
तुलसीपुर – 9559
गैसड़ी – 7798
पचपेड़वा – 11019
श्रीदत्तगंज – 3369
उतरौला – 3708
गैड़ास बुजुर्ग – 3869
रेहरा बाजार – 6217
बलरामपुर – 6936
हरैया सतघरवा – 10700
(यह आंकड़ा 17 मार्च को ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त किया गया है)

महिला सशक्तिकरण में बढ़ रही आस्थाएं
मनरेगा के तहत काम कर रहीं महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि 100 दिन का काम पूरा करने वाली महिलाओं को अब कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे वे स्वरोजगार में भी सक्षम हो रही हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।
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सुशील कुमार अग्रहरि, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
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