गैंसड़ी (बलरामपुर)। नगर पंचायत परिसर में आयोजित श्रीराम कथा में संत सर्वेश महाराज ने भगवान के धरती पर अवतार लेने के कारण का वर्णन विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि जब-जब होई धर्म के हानि, बड़े असुर अधम अभिमानी, तब तब प्रभु धरि विविध सरीरा हरहि सदा भव सज्जन पीरा।
कथा सुनने के लिए नेपाल से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं का स्वागत भी आयोजकों ने गर्मजोशी के साथ किया। कथावाचक ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर गौ भक्त धर्म के अनुयायियों पर अत्याचार होता है, लोग सताए जाते हैं तब तब भगवान अलग-अलग रूपों में अवतार लेकर आसुरी शक्तियों का दमन करते हैं।
बताया कि मनु और सतरूपा ने नैमिष्य धाम में तप किया। इससे प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन देकर कहा कि महाराज मनु अगले जन्म में अब आप दशरथ होंगे और सतरूपा कौशल्या बनेगी। फिर राम के रूप में भगवान विष्णु अत्याचारियों का अंत करने को प्रथ्वी पर अवतार लेंगे। हम सभी इसे रामावतार के बतौर जानते हैं। प्रवचन के चौथे दिन डा. भानु तिवारी, सीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह, जितिन सोनी, पवन शुक्ल, नंद किशोर व नेपाल से आए श्रद्धालु हेम राज व पटवारी यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।