बलरामपुर। बांदा जिले में हुई नाव दुर्घटना को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम ने बैठक कर जिम्मेदार अफसरों को कड़े निर्देश दिए। साथ ही लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर नाव से नदी पार न करें। डीएम ने क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने वाले नाविकों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। इसके साथ ही सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद नावों के संचालन पर सख्ती से रोक लगाने की हिदायत दी।
बैठक में डीएम ने कहा कि नाव दुर्घटना में बहुमूल्य जिंदगियां मौत की गोद में समा जाती हैं। इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी। तेज हवा, खराब मौसम, आंधी, तूफान व भारी बारिश में लोग नाव की यात्रा न करें। छोटे बच्चों को अकेले नाव की यात्रा न करने दें। नाव चलने से पहले देख लें कि लदान क्षमता दर्शाने वाली सफेद पट्टी का निशान पानी में डूबा तो नहीं है। जानवर ढोने वाली नाव से यात्रा कदापि न करें। जर्जर व टूटी-फूटी नाव से नदी न पार करें। नाव में लाइफ जैकेट, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स व रस्से आदि ठीक से रखें। नाविक के कहने पर ही क्रम से चढ़ें व उतरें। 15 से 30 सवारी की नावों पर दो व 30 से अधिक सवारी वाली नावों पर तीन नाविकों का होना अनिवार्य है। मरीजों व गर्भवती महिलाओं को नाव पर चढ़ाने में मदद करें। किसी यात्री को नाव न चलाने दें। डीएम ने कहा कि सभी नावों का पंजीकरण अवश्य कराएं।
डीएम ने कहा कि तीनों एसडीएम व सभी 15 थानों के प्रभारी निरीक्षकों नावों व नाविकों के नाम व मोबाइल नंबर सहित ब्योरा जुटाएं और सभी नाविकों संग बैठक कर उन्हें सावधानियों के बारे में सभी आवश्यक निर्देश दें। घाटों पर प्रशिक्षित तैराकों, गोताखोरों, नजदीक के पुलिस थाने और जिम्मेदार अफसरों का मोबाइल नंबर भी जुटाना होगा। बैठक में एसपी राजेश कुमार सक्सेना, एडीएम राम अभिलाष, एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर, एसडीएम तुलसीपुर मंगलेश दूबे, एसडीएम उतरौला संतोष कुमार ओझा व जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह सहित सभी अधिकारी व थानाध्यक्ष आदि मौजूद रहे। (संवाद)