बलरामपुर। सरकारी दफ्तरों में बारिश का पानी भरा हुआ है। दफ्तरों में पानी भर जाने से अफसरों व कर्मियों को भारी परेशानी हो रही है। चार दिनों के भारी बारिश से कई दफ्तर तालाब बन गए हैं।
दफ्तरों के परिसर में कीचड़ व गंदगी हो जाने से लोग जूझ रहे हैं। दफ्तरों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। छतों से पानी टपक रहा है जिससे सरकारी दफ्तरों में रखे अभिलेखों को भी नुकसान हो रहा है। विभागीय अफसरों व कर्मियों का दुख दर्द भी नहीं सुना जा रहा है।
बीते चार दिनों की भारी बारिश से बाल विकास परियोजना सदर का दफ्तर तालाब बन गया है। दफ्तर के पीछे गहरा तालाब होने से पानी कमरों में भर गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका कीचड़ व गंदगी से होकर दफ्तर जाने को मजबूर हैं।
सीडीपीओ सदर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि दफ्तर में जल भराव होने पर तत्काल सभी अभिलेखों व सामानों को सुरक्षित किया गया। दफ्तर के पीछे तालाब होने के चलते बरसात के समय में परिसर में अक्सर कीचड़ व जल भराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
सदर तहसील परिसर में संचालित सहायक जिला निर्वाचन पंचस्थानीय का दफ्तर है। बीते चार दिनों की भारी बारिश से परिसर में जलभराव हो गया है। दफ्तर के कर्मचारियों का आरोप है कि परिसर में कीचड़ व जलभराव से बिजली का करंट उतर रहा है।
दिन पहले एक गाय करंट की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। कई मेढकों की भी करंट की चपेट में आने मौत हुई है। कर्मचारियों को डर लगा रहता है। बिजली विभाग के कर्मचारी आए लेकिन समस्या का निराकरण नहीं कर सके।
सदर ब्लॉक का बाल विकास परियोजना दफ्तर व पंचस्थानीय का निर्वाचन कार्यालय तो महज बानगी है। जिले के अन्य कई दफ्तरों में भी ऐसी ही समस्याएं हैं। जिले के विकास का आगे बढ़ाने वाला विकास भवन परिसर भी अछूता नहीं है।
बरसात होने पर विकास भवन परिसर में भी कीचड़ व जलभराव की समस्या अक्सर उत्पन्न होती है जिससे यहां के अफसरों व कर्मियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के समस्याओं को सुनने वाला कृषि भवन के परिसर में भी जलभराव के साथ-साथ छत से बरसात का पानी टपकता रहता है।
पानी टपकने से दफ्तर में रखे अभिलेखों को भी नुकसान होने का खतरा है। उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह ने बताया कि भवन जर्जर हो जाने और सड़क से काफी गहरा के कारण जलभराव के साथ छत से बरसात का पानी टपकता है। भवन की मरम्मत व निर्माण के लिए शासन को कई बार प्रस्ताव भेजा गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सदर तहसील में रहने वाले अधिकारियों के कमरों से बरसात का पानी टपकता है। इसी तरह से जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय अन्य कई दफ्तर परिसरों में जलभराव व छत से बारिश का पानी टपकने की समस्याएं हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि सभी विभागों के विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सभी विभागों के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। शासन से बजट की मंजूरी मिलने के बाद सरकारी दफ्तरों के परिसर व कमरों में निर्माण व मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे।