गौरा चौराहा (बलरामपुर)। तुलसीपुर यूनिट के ग्राम रतनपुर पूर्वीडीह में ग्रामीणों ने बुधवार सुबह बांस की कोठी में बंधी बकरियों को तेंदुए के हमले से बचा लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भांभर नाला के पास झाड़ियों में चला गया। वन विभाग की टीम पूरे दिन गांव में तेंदुए के पदचिह्न की तलाश में जुटी रही।
ग्राम रतनपुर पूर्वीडीह में शिव रतन चौहान के घर के सामने बांस की कोठी है। उसके पास शिवरतन अपनी बकरियां बाधते हैं। बुधवार को सुबह तेंदुआ बकरी पर घात लगाए था, तभी शिवरतन की बेटी श्रीजनी और कमलावती की नजर पड़ी तो दोनों ने शोर मचाया। हल्ला गुहार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। तेंदुआ वहां से भागकर गांव के पूरब में भांभर नाले की तरफ चला गया। ग्राम प्रधान कपिल जायसवाल ने बताया कि तेंदुआ डेढ़ माह से गांव के आसपास दिख रहा है।
तेंदुए के हमले का खतरा बना हुआ है। ग्राम रतनपुर पूरबडीह के ग्रामीण रामनरेश, सनेही, जूजू, अभिषेक जायसवाल, राम उजागर, रवि व छोटेलाल आदि ने वन विभाग को फोनकर तेंदुआ के बारे में जानकारी दी और सुरक्षा की मांग की। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने गांव में वन कर्मियों को भेजा है, जो लोगों को बचाव के तरीके बता रहे हैं।