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Balrampur News: अब अजय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी पर विजिलेंस का फोकस

Sun, 28 Jun 2026 10:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही विजिलेंस टीम का अब पूरा फोकस पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई और स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक अजय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी पर है। बाराबंकी में दो दिन तक दबिश देने के बाद अब टीम अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश की तैयारी कर रही है।
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सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की टीमें बाराबंकी, लखनऊ, बहराइच के पयागपुर और बलरामपुर समेत कई स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। अजय श्रीवास्तव के करीबी लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिल सके।
सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है और जल्द कार्रवाई हो सकती है। बाराबंकी में रहने वाले उसके एक चिकित्सक रिश्तेदार और बलरामपुर के कुछ करीबी लोगों पर भी जांच एजेंसी की नजर है। बताया जा रहा है कि अजय श्रीवास्तव लंबे समय से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां उसके पास हो सकती हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
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विजिलेंस जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न खरीद और ठेकों की प्रक्रिया में अजय श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोप है कि विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी फर्मों के माध्यम से कई कार्यों में प्रभाव बनाया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

तैनाती और विभागीय भूमिका भी जांच के दायरे में
विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक अजय श्रीवास्तव वर्तमान में बाराबंकी जिले के त्रिलोकपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात है। जांच एजेंसी उसकी तैनाती, उपस्थिति, कार्यप्रणाली और सेवा अभिलेखों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा बलरामपुर में तैनाती के दौरान सरकारी आवास के उपयोग और विभागीय प्रभाव से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

इसलिए अहम मानी जा रही है गिरफ्तारी
विजिलेंस अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से पूछताछ में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। ऐसे में अजय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद घोटाले में शामिल लोगों, वित्तीय लेनदेन और कथित फर्जी फर्मों के संचालन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
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