बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त करते पुलिस व एसएसबी के जवान।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के चलते पाकिस्तान से तनाव बढ़ गया है। नेपाल सीमा पर घुसपैठ की आशंका को देखते हुए नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 9वीं व 50वीं वाहिनी और पुलिस की कड़ी निगहबानी है। सीमा पर गश्त के दौरान नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से भी सूचना ली जा रही है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां कड़ी चौकसी बरत रही हैं। जिले की सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। रेलवे व रोडवेज बस स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई है। जवानों को 24 घंटे सीमा पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी विकास कुमार एवं एसएसबी 9वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट भारत चौधरी के नेतृत्व में जवानों ने नेपाल पुलिस के साथ कोयलाबास की सीमा पर शनिवार को गश्त की। इसके बाद नेपाल सीमा के मुख्य मार्गों पर स्थित चेकपोस्टों की सुरक्षा का जायजा लिया। भारत-नेपाल के बीच रास्तों से आने-जाने वालों की जांच कराई गई। किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों व अराजक तत्वों के संदेह पर तत्काल पुलिस अधिकारियों को अवगत कराने का सुझाव दिया गया, ताकि तत्काल अराजक तत्वों पर कार्रवाई की जा सके। नेपाल सीमा से सटे गांवों में भी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए। ग्राम सुरक्षा समितियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। गश्त के दौरान एएसपी योगेश कुमार, सीओ तुलसीपुर बृजनंदन राय, डीएसपी एसएसबी 9वीं वाहिनी लाल सिंह बिष्ट व नेपाल पुलिस अधिकारी होमलाल सहित तमाम जवान मौजूद रहे।
नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में निगरानी के विशेष प्रबंध
नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में निगरानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। पुलिस व एसएसबी के जवान 24 घंटे गांवों में पहरा दे रहे हैं। सीमा से सटे थानों की पुलिस लगातार गांवों में बैठक कर रही है। गांवों में तैनात पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों, ग्राम प्रहरियों, प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, कोटेदारों व सफाई कर्मियों के समूह तैयार किए गए हैं। इन लोगों को थानों की पुलिस से लेकर एसपी तक के मोबाइल नंबर मुहैया कराए गए हैं। घुसपैठ की आशंका पर तुरंत सूचना देने का सुझाव दिया गया है। पुलिस ने भी ग्रामीणों के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की है। पुलिस अधिकारी लगातार पंचायत के लोगों से फीडबैक ले रहे हैं।