फोटो-18-लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल संविदा कर्मी ।-स्रोत : संगठन
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बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण बुधवार को ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। कई क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और नवजातों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सका। संविदा एएनएम और सीएचओ के अनुपस्थित रहने से टीकाकरण सत्रों में भी दिक्कतें आईं।
सदर ब्लॉक क्षेत्र में बुधवार को एएनएम अलका यादव, अंजली और अनीता ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं। इसी तरह सीएचओ रेनू चौधरी और शशि रावत भी टीकाकरण सत्र में नहीं आईं। स्वास्थ्य कर्मियों के न पहुंचने से गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो सकी। टीकाकरण के लिए पहुंचीं गर्भवती ममता और अफसाना ने बताया कि वे जांच कराने आई थीं, लेकिन उनकी जांच नहीं हो पाई।
नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के करीब 800 संविदा कर्मचारी चार दिनों से हड़ताल पर हैं। इनमें से कई कर्मचारी लखनऊ में चल रहे आंदोलन में शामिल हैं। इसके चलते जिले में कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
एएनएम संघ की जिलाध्यक्ष आराधना सिंह ने बताया कि सोनी, शशि जाटव और सुधा तिवारी सहित सैकड़ों संविदा एएनएम कार्य बहिष्कार कर लखनऊ में धरने पर बैठी हैं। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अविनाश विक्रम सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के हितों की लड़ाई जारी रहेगी। संविदा कर्मी 10 से 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समुचित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि नियमित सरकारी कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रोस्टर के अनुसार सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है।