बलरामपुर। जिले में जेठ शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने दिन में जनजीवन को काफी प्रभावित किया। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा नजर आया, जबकि जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर ढककर और पानी साथ लेकर ही बाहर दिखे।
मौसम के रुख को देखते हुए आने वाला पूरा सप्ताह लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी और शुक्रवार तक यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि पूरे सप्ताह गर्म हवाओं का प्रकोप जारी रहेगा। गर्मी के साथ उमस भी बढ़ेगी, जिससे लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। तेज धूप के कारण सुबह से ही गर्मी का असर महसूस होने लगता है और दोपहर तक हालात और भी कठिन हो जाते हैं। फिलहाल राहत के कोई खास आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस समय हीट वेव जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सिर को ढककर ही घर से बाहर निकलें। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी में लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें, नियमित रूप से पानी, ओआरएस और तरल पदार्थ का सेवन करें। खाली पेट धूप में निकलने से बचें और अगर चक्कर, उल्टी या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत छांव में आराम करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
रोजगार पर भी पड़ रहा गर्मी का असर
ई-रिक्शा चालक रामनरेश ने बताया कि दोपहर में सवारी नहीं मिलती, इतनी गर्मी में सड़क पर खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है। किराना दुकानदार श्यामलाल ने कहा कि गर्मी के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। छात्रा पूजा ने बताया कि स्कूल से लौटते समय तेज धूप सहन करना मुश्किल हो रहा है।
चौराहों और बस स्टेशनों पर बेहाल हुए यात्री
रोडवेज बस स्टेशन पर दोपहर के समय यात्रियों की संख्या कम रही। गोंडा जा रहे यात्री संजय कुमार ने बताया कि बस का इंतजार करना मुश्किल हो रहा है, धूप इतनी तेज है कि छांव भी राहत नहीं दे रही। वहीं बलरामपुर से उतरौला जा रही रीना देवी ने कहा कि बच्चों के साथ सफर करना बहुत कठिन हो गया है, बार-बार पानी पिलाना पड़ रहा है। प्राइवेट बस स्टेशन पर यात्री सिर पर गमछा और तौलिया रखे नजर आए। मुकेश यादव ने बताया कि गर्मी की वजह से सफर करना मजबूरी हो गया है, लेकिन इंतजार करना सबसे ज्यादा मुश्किल है।
फोटो-17-बलरामपुर के गोंडा रोड धूप के बीच ट्रैक्टर-ट्राली से आवागमन करते लोग।-संवाद