गैड़ास बुजुर्ग (बलरामपुर)। सादुल्लाहनगर के रोशन हाॅस्पिटल में यूनानी पद्धति के चिकित्सक ने गर्भवती का ऑपरेशन कर दिया। उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। लेकिन गर्भवती की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने बुधवार को निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर मार्ग जाम कर दिया। पति की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालक समेत उसके चार सगे भाइयों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। वहीं सीएमओ ने अस्पताल का संचालन बंद करा दिया है।
साहुल्लाहनगर कस्बे में संचालित रोशन हाॅस्पिटल में थाना क्षेत्र के गूमा फातमा जोत निवासी अनिल कुमार जायसवाल ने गर्भवती पत्नी रीना कुमारी (28) को भर्ती कराया था। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परवेज अहमद ने मंगलवार को ही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में शिशु की हालत ठीक न होने पर खून की कमी के बावजूद महिला का ऑपरेशन कर दिया। जबकि वह बीयूएमएस के चिकित्सक हैं। ऑपरेशन में सहयोग करने वाले उनके चारों भाई भी चिकित्सा के क्षेत्र के किसी भी विधा में प्रशिक्षित नहीं हैं। ऑपरेशन के बाद रात 12 बजे महिला की हालत गंभीर हो गई, जिस पर चिकित्सक ने उसे गोंडा रेफर कर दिया।
परिजन जब तक महिला को लेकर गोंडा पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। नाराज परिजनों ने बुधवार को शव लेकर निजी अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने परिजनों को समझाया। थाने में केस दर्ज होने के बाद परिजन माने। थानाध्यक्ष बृजनंदन सिंह ने बताया कि संचालक के साथ ही कारसाज, परवेज अहमद, आफताब अहमद व शादाब अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन करने से रोकने पर भड़का था चिकित्सक
रोशन हॉस्पिटल में चिकित्सक ने जब ऑपरेशन के लिए कहा तो पति अनिल कुमार ने खून की कमी का हवाला देकर ऑपरेशन करने से रोका। जिस पर चिकित्सक ने गुस्से में कहा, डॉक्टर मैं हूं या तुम। बस तुम 20 हजार रुपये जमा करो। पीड़ित पति ने यह जानकारी अधिकारियों को दी।
जन्म के साथ ही उठा बेटी के सिर से मां का साया
ऑपरेशन के बाद रीना ने बेटी को जन्म दिया था। परिजनों ने बताया कि बेटी स्वस्थ है और घर पर है। यह अलग बात है कि जन्म के साथ ही उसके सिर से मां का साया उठ गया है।
एसीएमओ पहुंचे अस्पताल तो नहीं मिले स्टाफ
गर्भवती महिला की मौत के मामले की जांच करने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जयप्रकाश निजी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि संचालक समेत पूरा स्टाफ नहीं मिला। अस्पताल की देखरेख कर रहे एक व्यक्ति को दोबारा अस्पताल का संचालन न करने की सख्त चेतावनी दी गई है। अग्रिम कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई है।