बलरामपुर। एक तरफ जहां सरकारी विद्यालयों को हाईटेक कर स्मार्ट बनाने की कवायद हो रही है, वहीं दूसरी ओर जिले के करीब 1,165 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां छात्र टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। सर्दी में टाइल्स लगी कक्षाओं में जमीन पर बैठकर पढ़ना नौनिहालों को भारी पड़ सकता है।
जिले में 1,814 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1,165 प्राथमिक, 263 उच्च प्राथमिक व 386 कंपोजिट विद्यालय हैं। 649 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए मेज की व्यवस्था की गई है, लेकिन 1,165 स्कूलों में अब तक मेज उपलब्ध नहीं है। इससे करीब डेढ़ लाख बच्चे जमीन पर फर्श व दरी बिछाकर पढ़ने काे मजबूर हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में समाजसेवियों ने फर्नीचर दान दिया है।
पूरी सर्दी जमीन पर बैठेंगे
अभिभावक संतोष कुमार, इजहारुल हसन, मुकेश गुप्ता, झिनकन व कल्लू आदि का कहना है कि टाइल्स लगे फर्श पर ठंड ज्यादा लगती है। ऐसे में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने से छात्रों को ठंड लग सकती है, जिससे उनके बीमार पड़ने की आशंका है। इन लोगों ने बेसिक शिक्षा विभाग से मेज की व्यवस्था कराने की मांग की है।
कराई जाएगी व्यवस्था
उन्हीं प्राथमिक विद्यालयों में मेज व सीट की व्यवस्था है, जहां किसी ने दान दिया है। पहले जूनियर हाईस्कूल में कुर्सी-मेज की व्यवस्था की जा रही है, इसके बाद प्राथमिक विद्यालयों में बेंच की व्यवस्था कराई जाएगी।
- कल्पना देवी, बीएसए बलरामपुर