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Balrampur News: लाइसेंस रद्द होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर

Sat, 13 Jun 2026 10:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-6-बलरामपुर में एक निजी पैथालॉजी पर जांच कराने के लिए जुटी मरीजों की भीड़ ।-संवाद
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बलरामपुर। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद भी मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना बंद नहीं हो रहा है। आलम यह है कि जिन अल्ट्रासाउंड सेंटरों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, उनका अब भी धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं।
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बीते दिनों जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने समीक्षा बैठक में जिले में संचालित दो निजी अस्पताल व 15 डायग्नोस्टिक व अल्ट्रासाउंड सेंटरों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। सेंटर संचालकों को मानक पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। लाइसेंस रद्द हुए दो दिन बीत गया, लेकिन अब भी सेंटर बिना भय के संचालित हो रहे हैं। शनिवार को जिला मेमोरियल चिकित्सालय के सामने स्थित निजी सेंटरों पर मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच होता पाया गया। निजी सेंटर पर मरीजों की भीड़ लगी हुई थी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिन सेंटरों का लाइसेंस रद्द किया गया है, वह जांच नहीं कर सकते हैं। यदि सेंटर संचालित हो रहे हैं तो निरीक्षण करके सील की कार्रवाई की जाएगी।
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इन निजी अस्पताल व सेंटरों का लाइसेंस हुआ है रद्द

जिले में संचालित अव्या हॉस्पिटल जेल सड़क, नेशनल अल्ट्रासाउंड सेंटर उतरौला, आशीष पैथोलॉजी आरटीओ ऑफिस, सेवा अल्ट्रासाउंड उतरौला, अशोका डायग्नोस्टिक सेंटर रेहरा बाजार, लखनऊ डायग्नोस्टिक उतरौला, तुलसीपुर अल्ट्रासाउंड सेंटर तुलसीपुर, जनता डायग्नोस्टिक महदैया बाजार, जनसेवा हॉस्पिटल उतरौला, न्यू जनसेवा सेंटर आंबेडकर तिराहा बलरामपुर, आरोग्य डायग्नोस्टिक महाराजगंज, जनता डायग्नोस्टिक तुलसीपुर, भारत डायग्नोस्टिक सेंटर पेहर बाजार, एनएस अल्ट्रासाउंड कौवापुर, उर्मिला अल्ट्रासाउंड पुरैनिया तालाब, मॉडर्न अल्ट्रासाउंड बलरामपुर को निरस्त किया गया है।


महिला चिकित्सालय में बंद है अल्ट्रासाउंड जांच

फोटो - 8
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस/रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजकुमार अवकाश पर हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड जांच ठप है। शुक्रवार व शनिवार को महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा हुआ है। यहां प्रतिदिन 120-130 गर्भवती की जांच होती है। रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर चले जाने के कारण गर्भवती को जांच के लिए पैसे खर्च करने पड़े। शनिवार को अस्पताल आईं शकुंतला ने बताया कि उनकी बहू गर्भवती है, अल्ट्रासाउंड कराना था, लेकिन कमरे में ताला लगा है। इसी तरह रामजानकी व कलावती भी जांच न होने से निराश लौटती दिखीं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच न होने के कारण गेट पर खड़े निजी सेंटरों के एजेंट उठा रहे हैं। एजेंट गर्भवती व परिजनों को मनमाने सेंटर पर ले जाकर जांच करवाते हैं। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजकुमार के सीएमएस बनने के बाद से ही महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच प्रभावित हो रही है। अस्पताल के गुणवत्ता प्रबंधक डॉ. वसीम अहमद ने बताया कि सीएमएस सर कोर्ट केस के चलते अवकाश पर हैं। दो-तीन दिनों में आएंगे।
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