तुलसीपुर। हरैया तिराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज एवं देवीपाटन स्थित सिरिया नाले से शुगर फैक्ट्री क्षेत्र के नकटी नाले तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की सख्ती ने लोगों को परेशान कर दिया है। प्रशासन की ओर से माइक से अनाउंसमेंट कराकर 48 घंटे के भीतर दुकानों और पक्के निर्माण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि समय सीमा के बाद बुलडोजर लगाकर बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
घोषणा के बाद प्रभावित इलाकों में असमंजस का माहौल है। कई परिवार अपने भविष्य और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि अब तक जमीन या मकान के बदले मुआवजे को लेकर कोई स्पष्ट आदेश या लिखित सूचना नहीं दी गई है। कुछ लोगों ने केवल मौखिक आश्वासन मिलने की बात कही।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे कई बार जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। नगर निवासी गणेश जायसवाल, अरविंद कुमार, आकाश गुप्ता, ओम प्रकाश चौरसिया सहित अन्य लोगों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, परंतु उजड़ने की स्थिति में सरकार को नियमानुसार उचित मुआवजा देना चाहिए।
सांकेतिक रूप से चला बुलडोजर
इधर प्रशासनिक सख्ती के बीच मंगलवार को दो दिन का समय दिए जाने के बावजूद बुधवार को ही नायब तहसीलदार शिवेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह एवं भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर लगाकर सांकेतिक रूप से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। फिलहाल सड़क के बीचो-बीच से दोनों तरफ 15 फीट तक बाहरी अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
कई बार दिया जा चुका है नोटिस
नायब तहसीलदार शिवेंद्र पटेल ने बताया कि फोरलेन और ओवरब्रिज के कार्य को समय से पूरा करने के लिए पहले ही कई बार नोटिस व अन्य माध्यमों से सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी घरों को नहीं तोड़ा जा रहा है और लोगों को अंतिम रूप से दो दिन का समय दिया गया है। तय अवधि में यदि लोग स्वयं निर्माण नहीं हटाते हैं तो उसके बाद बुलडोजर से कार्रवाई की जाएगी।
नहीं हटाया तो बलपूर्वक हटाएंगे : एसडीएम
वहीं उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत ने भी कहा कि 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटा लिया जाए, अन्यथा नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग मुआवजे को लेकर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।