बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम उतरौला योगेश चौधरी ने शनिवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान छेड़खानी के मामले में दो को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई है। प्राथमिकी दर्ज होने के दौरान दोनों ने सात-सात दिन जेल में बिताए थे। न्यायाधीश ने दोनों पर एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। 35 वर्ष मुकदमा चलने के बाद फैसला हुआ है।
उतरौला क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 10 मार्च 1990 को छेड़खानी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला की तहरीर पर पुलिस ने उतरौला क्षेत्र के ग्राम अहिरनडीह निवासी मुस्तकीम व कमालुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। दोनों को सात दिन जेल में रखा गया। विवेचना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद महिला के साथ छेड़खानी के मामले में मुस्तकीम व कमालुद्दीन को दोषी मानते हुए सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया है।