बलरामपुर। जिले में दो क्रय एजेंसियां 12 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद करेंगी। 15 अक्तूबर से 28 फरवरी तक जिले में 31 धान क्रय केंद्रों का संचालन किया जाएगा। डीएम कृष्णा करुणेश व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने सभी क्रय एजेंसियों के संचालकों को खरीद करने के संबंध में चाक-चौबंद तैयारियां करने का निर्देश दिया है।
डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बीते दिन तीन क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने क्रय केंद्र संचालकों को शासन स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के संबंध में आवश्यक जानकारियां दी।
डिप्टी आरएमओ ने धान क्रय केंद्र कटराशंकर नगर, जैतापुर व गौरा चौराहा के संचालन का जायजा लेते हुए संचालकों को खरीद के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में बलरामपुर जिले के लिए 12 हजार मीट्रिक टन धान खरीद करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में 31 क्रय केंद्र बनाए गए हैं जो 15 अक्तूबर से 28 फरवरी तक संचालित किए जाएंगे।
जिले की तीनों तहसीलों व नौ ब्लॉकों में खाद्य विभाग को छह केंद्रों पर 3500 एमटी और पीसीएफ को 25 केंद्रों पर 8500 एमटी धान खरीद करने के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। ओटीपी आधारित पंजीकरण कराने की व्यवस्था शासन स्तर से की गई है। किसानों को पंजीकरण कराने के लिए अपना मोबाइल नंबर प्रयोग करना होगा। एसएमएस के जरिए भेजे गए ओटीपी को भरकर किसान अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। कंप्यूटरीकृत प्रणाली के तहत धान बेचने के 72 घंटे के अंदर किसानों को उनकी उपज का सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों को सीबीएस वाले बैंक में ही अपना खाता खोलना होगा तभी भुगतान हो सकेगा। बैंक खाता संख्या व आईएफएससी कोड भरने में सभी किसानों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
शासन ने धान का सरकारी समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल व ए ग्रेड धान का 1888 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया है। 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद में सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को लघु व सीमांत किसानों से ही धान खरीदा जाएगा। प्रतिदिन सुबह नौ बजे से सायं पांच बजे तक धान क्रय केंद्रों का संचालन किया जाएगा।
रविवार व अन्य अवकाश में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं की जाएगी। विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों को प्रपत्र में जरूरी संशोधन कर अथवा बिना संशोधन के दोबारा जरूर लॉक करना होगा। डीएम व एडीएम ने कोविड-19 को ध्यान में रखकर सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।