बलरामपुर। शहर के भंडारखाना मोहल्ले में भाई के साथ किराए पर रहकर पढ़ाई कर रहे कक्षा आठ के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक छात्र राहुल कुमार (14) ने फांसी लगाने से पहले बड़े भाई के नाम एक मार्मिक पत्र भी छोड़ा है। वह शहर के मार्डन पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था। उसके साथ रहने वाला बड़ा भाई आशुतोष कुमार बुधवार की शाम घर चला गया था। सुबह करीब नौ बजे कमरे पर आकर देखा तो छोटे भाई का शव फंदे से लटकता मिला।
कोतवाली देहात के मूढ़ाडीह गैंजहवा गांव निवासी मोहनलाल का बेटा राहुल शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। राहुल ने अपने बड़े भाई के नाम लिखे पत्र में कहा है कि वह पढ़ाई को लेकर काफी डिस्टर्ब है, अंग्रेजी सुधर नहीं रही है। वह चाहकर भी इसमें सुधार नहीं कर पा रहा है। ऐसे में अब हताश होकर जान देने जा रहा हूं। मृतक छात्र ने अपने सबसे बड़े भाई विकास के लिए लिखा है कि वह मां को समझाएंगे की रोएं नहीं।
बड़े भाई से परिवार के लिए कुछ बड़ा करने की उम्मीद भी जताई। साथ ही लिखा है कि वह जो कदम उठा रहा है वह सही नहीं है, लेकिन इसके लिए मुझे धिक्कारना मत। मां मुझे बहुत प्यार करती हैं, उन्हें आप लोग संभाल लेना। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर शैलेश सिंह ने बताया कि छात्र के फांसी लगाए जाने की सूचना मिली थी। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में परिजनों से जानकारी कर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल परिवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।
मृतक छात्र ने अपने सुसाइड पत्र में दो परेशानी उजागर की। इसमें से एक परीक्षा का तनाव और दूसरा अंग्रेजी विषय। लिखा कि अंग्रेजी पढ़ना नहीं आ रहा है। 15 प्रश्नों की परीक्षा में पास होने के लिए आठ प्रश्नों का उत्तर देना जरूरी है। काफी प्रयास के बाद भी वह तैयारी में आठ प्रश्नों को हल नहीं कर पा रहा है। वह अन्साल्वड पेपर से परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
मृतक छात्र राहुल अटल आवासीय विद्यालय सिसवा मनकापुर में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। मृतक का पैतृक घर गैंजहवा में है, पारिवारिक स्थिति सामान्य होने से वह अटल आवासीय स्कूल में प्रवेश चाहता था ताकि परिवार पर बोझ न पड़े। यह प्रवेश परीक्षा 25 फरवरी को होनी थी, इसी कारण वह तनाव में था।
मृतक छात्र ने फांसी लगाने से पहले मां रीता देवी को फोन किया और उनका हालचाल पूछा। बताया कि आज मैने खाना नहीं बनाया है, भाई के हाथ खाना भेज देना। मृतक राहुल कुमार पांच भाई में सबसे छोटा था। उसके दो भाई वृक्षालाल व कौशल मुंबई में रह कर काम करते हैं। सबसे बड़ा भाई आशुतोष कुमार भोपाल में पढ़ाई कर रहा है वहीं इस समय राहुल के साथ में रह रहा था। चौथे नंबर के भाई विकास कोटा में पढ़ाई कर रहा था, इस समय वह घर आया हुआ था।
मानसिक रोग विभाग के मनोचिकित्सक डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि जीवन में कोई भी परिणाम अंतिम नहीं होता है। छात्रों को खुद पर भरोसा रखना चाहिए, एक विफलता से हताश होने की जरूरत नहीं है। इसी से सफलता के कई रास्ते खुलते हैं। किसी बात का तनाव हो तो परिवार या दोस्तों के साथ बातचीत कर तनाव को खत्म करना चाहिए। किसी का भी जीवन खुद के साथ ही परिवार, समाज व देश के लिए अमूल्य निधि है।