बलरामपुर के शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में संत सम्मेलन को संबोधित करते महंत विदेश नाथ योगी
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तुलसीपुर (बलरामपुर)। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी की 20वीं पुण्यतिथि पर गोरक्ष मंडप सभागार में संत सम्मेलन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में चल रहे सात दिवस श्रीमद्भागवत कथा का समापन भी हुआ।
श्रद्धांजलि सभा व संत सम्मेलन के मुख्य अतिथि महंत विदेश नाथ योगी ने ब्रह्मलीन महंत के चरणों में पुष्पांजलि व माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। ब्रह्मलीन महंत के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धार्मिक भावना के साथ उन्होंने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को महत्व दिया। उन्होंने मंदिर का कायाकल्प करने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी तमाम कार्य किए। मंदिर के गर्भगृह में संगमरमर की मूर्ति स्थापित कराना हो या मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती के श्लोक को ताम्रपात्र में अंकित कराना यह सब कार्य उन्हीं के कार्यकाल में संभव हुआ।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर में पाटेश्वरी सेवाश्रम चिकित्सालय की स्थापना भी कराई। मंदिर के चारों तरफ नौ देवियों की मूर्ति स्थापना, गोरक्षनाथ एवं दानवीर कर्ण मंदिर की स्थापना, सूर्यकुंड का भव्य सुंदरीकरण, गौशाला, यात्री निवास व बनवासी छात्रावास की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। सभा में क्षेत्रीय विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, सदर विधायक पल्टूराम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, महंत ज्ञानीनाथ योगी, चन्द्र प्रकाश सिंह गुड्डू, बालक दास आदि ने भी महंत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नहीं आए मुख्यमंत्री
ब्रह्मलीन महंत महेन्द्र नाथ योगी की श्रद्धांजलि सभा व संत सम्मेलन में हर साल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाग लेते थे। सोमवार शाम तीन बजे उनके आने की सूचना शक्तिपीठ के महंत मिथिलेश नाथ योगी ने दी थी। प्रशासन ने पूरी तैयारी भी की थी। अंतिम क्षणों में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से रद्द हो गया।