गोंडा। अपनी छोटी-छोटी खुशियों से समझौता कर जिस बेटे को पाला, उसी ने दो वक्त की रोटी देने से मना कर दिया। खून-पसीने की कमाई से बनाए घर से बाहर होने के बाद 68 वर्षीय बीमार पिता ने अमर उजाला कार्यालय आकर दर्द भरी कहानी सुनाई।
सदर तहसील के गिलौली निवासी हनुमान प्रसाद (68) ने बताया कि उसने दो दिनों से कुछ नहीं खाया है। आरोप लगाया कि छोटे बेटे राकेश ने अपनी पत्नी के कहने पर खाना देने से मना कर दिया। उनकी शर्त है कि पहले मकान हमारे नाम लिख दो, तभी खाना खिलाऊंगा। अपनी बीमारी व बहू बेटे के सितम की जानकारी बेटी सरिता को दी तो दामाद व अपने बच्चों के साथ घर आई। जिसपर उसे भी जान से मारने की धमकी देकर मुझे भी घर से बाहर निकाल दिया। न्याय की आस में दो दिनों से अधिकारियों की चौखट पर फरियाद लगा रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।