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Balrampur News: एप्रोच कटने से पिपरा घाट पुल से बड़े वाहनों का आवागमन बंद

Wed, 09 Aug 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर के पिपराघाट पुल का कट रहा एप्रोच।-संवाद
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बलरामपुर। पहाड़ों पर भारी बारिश व नेपाल से छोड़े पानी के कारण दो दिन से बढ़ रहा राप्ती का जलस्तर अब स्थिर है। बुधवार दोपहर तीन बजे राप्ती नदी चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से 93 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच कर 104.550 मीटर पर रुक गई है। नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 7 सेमी नीचे है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन बाढ़ की आशंका से सतर्क है। बाढ़ से गौरा-उतरौला मार्ग पर स्थित पिपरा घाट पुल का एप्रोच तेजी से कट रहा है। जिससे इस पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। संभावित बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को डीएम अरविंद सिंह ने पिपरा घाट पुल के साथ बाढ़ चौकियों का भी निरीक्षण किया।
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डीएम ने उतरौला तहसील के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने राहत केंद्र पर पेयजल, शौचालय, बिस्तर, प्रकाश एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने तथा बाढ़ पर नजर रखे जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। इसके बाद उन्होंने पिपरा घाट पुल एवं सिंगारजोत पुल पर एप्रोच कटान का जायजा भी लिया। उन्होंने एप्रोच कटान को रोकने के लिए बिंग वॉल व जिओ बैग वाॅल तकनीक अपनाने का निर्देश दिया। कहा कि युद्धस्तर पर कार्य करते हुए एप्रोच कटान को रोका जाए। कहा कि हर वर्ष एप्रोच कटान की समस्या आती है, इसके स्थायी समाधान के लिए अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी एवं अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड मिलकर कार्ययोजना तैयार करें। सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने यातायात प्रबंधन एवं पुलिस बल तैनात करने, बैरिकेटिंग लगाने तथा प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर एडीएम प्रदीप कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड जेके लाल व एसडीएम उतरौला अवधेश कुमार सहित तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
सदर विधायक पल्टूराम ने प्रमुख सचिव, जल शक्ति विभाग को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि मैंने सदर विधानसभा क्षेत्र के छितर सिंह डिहवा, खम्हरिया घाट, करमहना व पिपरा घाट पुल आदि संवेदनशील स्थलों का दौरा किया था। दौरे के समय स्थानीय लोगों ने कटान रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई काम न कराने की शिकायत की थी। मेरे द्वारा कई बार उच्चाधिकारियों से लिखित व मौखिक रूप से कटान रोकने के लिए कहा गया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग द्वारा कटान रोकने के नाम पर प्रतिवर्ष खानापूर्ति करके करोड़ों रुपये डकार लिया जाता है। बाढ़ खंड के अधिकारी राप्ती के जलस्तर के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाढ़ आने पर कार्य दिखाकर पैसा डकारने का मौका मिले। उन्होंने प्रमुख सचिव से अब तक खर्च की गई धनराशि एवं कटान रोधी कार्य की जांच कराने तथा संवेदनशील स्थलों पर कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
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