नेपाल के थोक व्यापारी गोपाल गढ़वा, शिवसुंदर लमही, रामजी, सुंदर लाल और कमल घोड़ाही ने बताया कि वे प्रतिदिन नेपाल से तुलसीपुर सीमा पर आते हैं। नेपाल में मंगरैल, चीनी, दाल, धनिया, सूती कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मांग है। अब तक सीमा पर व्यापार के नियमों में कड़ाई के कारण वे बड़े पैमाने पर माल नहीं ला पा रहे थे।
अब थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सामान ले जा रहे हैं। अगर यहां से व्यापार की और सहूलियत मिले तो बड़ी मात्रा में कारोबार की उम्मीद है। यह दोनों देशों के लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा। व्यापारी गोपाल गढ़वा ने बताया कि वास्तव में जिस तरह परिवर्तन हो रहा है, उससे काफी उम्मीद है। अब भंसार बढ़ने का आदेश जारी हो जाए तो जो भी दिक्कत शेष है, वह दूर हो जाएगी।
स्थानीय व्यापारियों में भी बढ़ी उत्सुकता
भाजपा प्रकोष्ठ संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल लाठ कहते हैं कि तुलसीपुर के व्यापारी प्रतिदिन नेपाल से आने वाले ग्राहकों के लिए किराने का समान उपलब्ध कराते हैं। नेपाल के नागरिकों के साथ व्यापार की बढ़ती संभावनाओं से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में लाभ होगा। शनिवार को नेपाल के कई थोक व्यापारी दुकान पर रुके और स्थानीय उत्पादों की खरीद भी की। आगामी त्योहार और सर्दियों के मौसम में तुलसीपुर के उत्पादों की नेपाल में मांग और बढ़ने की संभावना है।
दोनों देशों के नागरिकों को होगा लाभ
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि सीमा पर व्यवसाय बढ़ने से न केवल आर्थिक गतिविधियों में इजाफा होगा, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच रिश्तों को भी मजबूती मिलेगी। व्यवसायियों का कहना है कि ''''तरक्की का द्वार'''' अभियान से व्यापारिक माहौल में नई उम्मीद जगी है। नेपाल और तुलसीपुर के व्यापारी दोनों ही चाहते हैं कि सीमा पार सुविधा मिले।