बलरामपुर के भितवरिया कला गांव में तेंदुए का शिकार हुई भेड़।-स्रोत: ग्रामीण
हरैया सतघरवा। बनकटवा रेंज के भितवरिया कला गांव में तेंदुए ने मंगलवार की रात भेड़ों की झुंड पर हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले से तीन भेड़ों की मौत हो गई। गांव के आस-पास लगातार तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। गांव में पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश शुरू कर दी है।
ग्रामवासी रामतीरथ ने बताया कि वह अपने पड़ोसी रामसरन और फेरू के साथ 90 भेड़9बकरियों को लेकर तीन दिन पहले बेलास गांव चराने गए थे। यह गांव जंगल से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंगलवार रात अचानक भेड़-बकरियों के झुंड में अफरातफरी मच गई। भेड़-बकरियों के चिल्लाने पर चरवाहों ने टॉर्च जलाया तो देखा कि एक तेंदुआ झुंड में घुसा नजर आया। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर तीन भेड़ों को घायल कर दिया।
रामतीरथ के साथ चरवाहों ने जोर से गुहार लगाई तो आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की सूचना तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर वनरक्षक राजू यादव और मनीष सिंह मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ तेंदुए की तलाश की लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ गांव के आस-पास कई बार देखा जा चुका है। तेंदुए के डर से रात में कोई घर से बाहर नहीं निकलता है। इन लोगों ने डीएफओ से गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।
बनकटवा रेंजर सत्रोहन लाल ने बताया कि तेंदुए की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव में भेजी गई है। भेड़ पालकों को सलाह दी गई है कि वह अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने गांव वालों को भी सतर्क रहने का सुझाव दिया है।